रजगामार क्षेत्र की घटना; सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों से बांगो के जंगलों में दबोचा गया आरोपी अमित चौहान
कोरबा। कोरबा जिले के रजगामार क्षेत्र से तीन दिन पहले लापता हुई एक नाबालिग बालिका के अपहरण, बलात्कार और हत्या के सनसनीखेज मामले का कोरबा पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी अमित चौहान को बांगो थाना क्षेत्र के सुदूर जंगलों से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से जहां आरोपी सलाखों के पीछे है, वहीं क्षेत्र में इस जघन्य अपराध को लेकर भारी आक्रोश है।
19 अक्टूबर से लापता थी बालिका
पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पीड़ित नाबालिग बालिका 19 अक्टूबर 2026 को रजगामार क्षेत्र से अचानक लापता हो गई थी। परिजनों की शिकायत पर कोरबा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तत्काल भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) (अपहरण) के तहत अपराध दर्ज कर बालिका की तलाश के लिए सर्चिंग ऑपरेशन शुरू किया था।
पुराने ईंट-भट्ठे के पास जंगल में मिला शव
लगातार तीन दिनों तक चले व्यापक सर्चिंग अभियान के बाद 22 अक्टूबर 2026 को रजगामार पुरानी बस्ती के पीछे, एक पुराने ईंट-भट्ठे के समीप जंगल में लापता बालिका का शव बरामद हुआ। शव मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे।
सीसीटीवी और ‘लास्ट सीन थ्योरी’ से पकड़ा गया कातिल
हत्यारे तक पहुँचने के लिए कोरबा पुलिस ने साइबर सेल और स्थानीय कड़ियों को जोड़ा। रजगामार क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, तकनीकी साक्ष्यों (मोबाइल लोकेशन आदि) का विश्लेषण किया गया और ‘लास्ट सीन थ्योरी’ (बालिका को आखिरी बार किसके साथ देखा गया) के आधार पर संदेही अमित चौहान की पहचान की गई। पहचान होते ही पुलिस टीमों ने घेराबंदी की और शव मिलने के महज 12 घंटे के भीतर आरोपी अमित चौहान को बांगो थाना क्षेत्र के घने जंगलों से धर दबोचा।
पॉक्सो और हत्या सहित कई कड़े कानून लागू
बालिका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्रारंभिक डॉक्टरी मुलाहिजा के बाद इस मामले में कई अन्य गंभीर धाराएं जोड़ी गई हैं। अब आरोपी के खिलाफ अपहरण की धारा के साथ-साथ:
- BNS की धारा 103(1) (हत्या)
- BNS की धारा 66 (घोर बलात्कार)
- पॉक्सो (POCSO) अधिनियम की धारा 4 एवं 6 (नाबालिग से गंभीर यौन उत्पीड़न) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
“शव मिलने के तत्काल बाद पुलिस टीमों को सक्रिय किया गया था। तकनीकी साक्ष्यों और मुस्तैदी के बल पर 12 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक अग्रिम कार्रवाई की जा रही है ताकि आरोपी को फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।”







