रावण अपने अंहकार के कारण मारा गया, इसलिए अहंकार को छोड़ सत्य के मार्ग पर चलेंः श्री देवांगन

Ravana was killed because of his ego, so let us leave ego and follow the path of truth: Shri Devangan

लाल मैदान दशहरा उत्सव में कैबिनेट मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कोरबा वासियों को दी बधाइयां, लाल मैदान पर हजारों की संख्या में पहुंचे लोग

कोरबा, 21 अक्टूबर 2026- विजयादशमी पर्व पर लाल मैदान में भगवान श्रीराम की जयघोष की गूंज के साथ दशहरा उत्सव के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक, उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने हजारों की संख्या में उपस्थित जनसमूह को विजयादशमी पर्व की बधाइयां दी। उन्होंने मंच से कहा कि भगवान श्रीराम का आशीष सभी को मिले और सबको सुख-समृद्धि की प्राप्ति हो। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि त्रेतायुग में आदिशक्ति माता सीता का राक्षसराज रावण ने हरण किया था। रावण को पत्नी मंदोदरी, भाई कुंभकर्ण और पुत्र इंद्रजीत द्वारा बार-बार समझाइश दी गई लेकिन रावण ने उन्हें अनसुना कर दिया। रावण ने अपना अहंकार नहीं त्यागा और उसने माता सीता को नहीं लौटाया। अपने अहंकार के कारण रावण ने अपनी राजधानी लंका का सर्वनाश कराया और वह प्रभु श्री राम के हाथों मारा गया। तब से बुराई के प्रतीक रावण का पुतला जलाया जाता रहा है। इसलिए आप सभी सत्य के मार्ग पर चलें और भगवान श्री राम का आशीष सभी को प्राप्त हों। इससे पहले कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन द्वारा आवासीय काॅलोनी से निकाली गई भगवान श्रीराम-लक्ष्मण की झांकी की पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद रावण का पुतला बनाने वाले कर्मठ व लगनशील कर्मचारियों एवं कारीगरों से कैबिनेट मंत्री मिले और उनका उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें बधाइयां दी।

दशहरा उत्सव के मंच पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे एचटीपीएस कोरबा पश्चिम के कार्यपालक निदेशक श्री एचके सिंह द्वारा कैबिनेट मंत्री श्री लखन लाल देवांगन का शाॅल, श्रीफल एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मान किया गया। कार्यपालक निदेशक द्वारा अपने स्वागत उद्बोधन में दशहरा उत्सव में पहुंचे सभी नागरिकों का अभिनंदन करते हुए रावण को तैयार करने वाले कर्मचारियों एवं कारीगरों का आभार व्यक्त किया गया।

लाल मैदान पर रावण के मुंह से निकलता धुआं, लाल-लाल आंखें दिखाना, रावण का अट्टाहास और आसमान पर रंग-बिरंगी आकर्षक आतिशबाजी का लोगों ने भरपूर आनंद लिया। लाल मैदान पर 120 फीट का रावण का पुतला अट्टाहस करता हुआ खड़ा था, हजारों की संख्या मंे मौजूद लोगों के बीच भगवान श्रीराम के संग कार्यपालक निदेशक ने तीर छोड़कर रावण का दहन किया। इस तरह बुराई का प्रतीक रावण का अंत हुआ और लोगों ने आपस में विजयादशमी पर्व की शुभकामनाएं बांटी। दशहरा उत्सव में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों, पार्षदगण एवं गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता निभाई।