बिलासपुर: नाबालिग के हाथ में कार थमाना मालिक को पड़ा भारी; एक्सीडेंट के बाद पुलिस ने कार जप्त की, वाहन मालिक जाएगा जेल!

Bilaspur: Handing over a car to a minor proved costly for the owner; police seized the car after the accident, and the owner will be sent to jail!

बिलासपुर, 16 अक्टूबर : थाना सरकण्डा क्षेत्र अंतर्गत स्वर्णिमा एरा और गीतांजली सिटी के पास एक तेज रफ्तार कार ने मोटर सायकल सवार को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण दुर्घटना में मोटर सायकल सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसे इलाज के लिए बिलासपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दुर्घटना में प्रयुक्त सफेद रंग की मारुति सुजुकी स्विफ्ट कार को जप्त कर लिया है। जांच में चालक के नाबालिग पाए जाने पर पुलिस ने वाहन मालिक के खिलाफ भी सख्त धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

तेज और लापरवाहीपूर्वक कार चलाकर मारी ठोकर
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी साहिल खान (निवासी- अन्नपूर्णा कॉलोनी, गणेश नगर, सिरगिट्टी) ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि दिनांक 12 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब 03:30 बजे उनका बड़ा भाई समीर खान अपनी मोटर सायकल (क्रमांक CG 10 AW 2894) से काम पर जा रहा था। इसी दौरान स्वर्णिमा एरा के पास सामने से आ रही मारुति सुजुकी स्विफ्ट कार (क्रमांक CG 10 BE 1235) के चालक ने वाहन को अत्यंत तेज एवं लापरवाहीपूर्वक चलाते हुए दाहिने तरफ से समीर की मोटर सायकल को जोरदार ठोकर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि समीर के बाएं पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं।

नाबालिक गिरफ्तार, वाहन मालिक ओमप्रकाश पर गिरेगी गाज
थाना सरकण्डा पुलिस ने अपराध क्रमांक 1480/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 (लापरवाही से वाहन चलाना) और 125(a) (गंभीर चोट पहुंचाना) के तहत मामला पंजीबद्ध किया था। विवेचना के दौरान पुलिस को पता चला कि कार चलाने वाला चालक एक नाबालिग बालक है। पुलिस ने नाबालिग को विधिवत गिरफ्तार कर जुवेनाइल एक्ट के तहत जमानत मुचलके पर रिहा कर दिया है।

इस मामले में सबसे बड़ी कार्रवाई वाहन मालिक पर की गई है। पुलिस ने कार मालिक ओमप्रकाश (पिता हेतराम श्रीवास, निवासी- स्वर्णिम एरा, सरकण्डा) के कब्जे से घटना में प्रयुक्त कार, चाबी और दस्तावेज जप्त कर लिए हैं। बिना लाइसेंस और नाबालिग को गाड़ी सौंपने के कारण मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 3/181, 4/181 और 5/180 के तहत वाहन मालिक को भी आरोपी बनाया गया है, जिसके तहत उन्हें जेल की सजा और भारी जुर्माना हो सकता है। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।