सफाई सैनिकों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए कोरबा बने मॉडल जिला

Korba becomes a model district for the respect, safety and welfare of sanitation workers.

आयोग के उपाध्यक्ष श्री कैशब बिहारी ने कहा-सफाई कर्मचारियों को गरिमापूर्ण जीवन और योजनाओं का लाभ दिलाना हम सभी की जिम्मेदारी

राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग, भारत सरकार के उपाध्यक्ष श्री कैशब बिहारी ने ली बैठक

कोरबा, 10 अक्टूबर 2026/ शहर और बस्तियों को स्वच्छ रखने में सफाई कर्मचारियों का योगदान रोजमर्रा की जिंदगी का जरूरी हिस्सा है। उनके श्रम से सार्वजनिक स्थान स्वच्छ और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनते हैं। ऐसे कर्मियों को सम्मान, सुरक्षित कार्य-परिस्थितियां, उचित वेतन और गरिमापूर्ण जीवन देना समाज और शासन दोनों की जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग, भारत सरकार के उपाध्यक्ष श्री कैशब बिहारी की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला प्रशासन, सार्वजनिक उपक्रमों और सफाई कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में श्री बिहारी ने सफाई कर्मचारियों को ‘सफाई सैनिक’ बताते हुए कहा कि वे बिना भेदभाव के पूरे समाज की सेवा करते हैं। कोरोना काल की कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने अपनी जिम्मेदारी निभाई। उन्होंने कहा कि सफाई कार्य करने वाले इन कर्मियों के प्रति घृणा या भेदभाव की भावना नहीं, बल्कि सम्मान और संवेदनशीलता होनी चाहिए। उन्हें सामान्य नागरिक की तरह समान महत्व और अवसर मिलें। सफाई कर्मचारियों को वंचित रखकर विकसित भारत की कल्पना पूरी नहीं हो सकती। उनके सम्मान, सुरक्षा और उन्नति के लिए सभी विभागों, संस्थानों और नागरिकों को मिलकर कदम उठाने होंगे। आयोग के उपाध्यक्ष ने सफाई कर्मचारियों और उनके परिवारों को केंद्र तथा राज्य शासन की योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने निजी संस्थानों, सार्वजनिक उपक्रमों और नगरीय निकायों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों को नियमानुसार वेतन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। संबंधित संस्थानों में कार्यरत महिला और पुरुष कर्मचारियों की सूची तैयार करने, उनके वेतन एवं सुविधाओं की जांच करने तथा उन्हें बीमा और स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं, इसकी जानकारी जुटाने को कहा। कर्मचारियों की छंटनी या सेवा से हटाए जाने से जुड़े मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने सफाई कर्मचारियों और उनके परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ पेयजल, आवास के लिए भूखंड तथा समाज कल्याण और श्रम विभाग की योजनाओं से जोड़ने की बात कही। कर्मचारियों के बच्चों को बेहतर शिक्षा और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर देते हुए कहा कि वे डॉक्टर, इंजीनियर, बैंक अधिकारी और आईएएस-आईपीएस जैसे पदों तक पहुंचें, इसके लिए उन्हें प्रोत्साहित करना और सहयोग देना जरूरी है।
श्री बिहारी ने कहा कि कोरबा ऊर्जा जिला है और यहां जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) सहित विभिन्न विभागों एवं संस्थानों के संसाधनों से सफाई कर्मचारियों के कल्याण के लिए समन्वित कार्ययोजना बनाई जा सकती है। जिला प्रशासन, सार्वजनिक उपक्रमों और संबंधित विभागों के साझा प्रयासों से कर्मचारियों के जीवन स्तर में सुधार लाने वाला ठोस और अनुकरणीय काम किया जाए। उन्होंने कोरबा को ऐसा मॉडल जिला बनाने की अपेक्षा जताई, जहां सफाई कर्मचारियों को योजनाओं, सुविधाओं और सम्मान का लाभ प्रभावी ढंग से मिले और दूसरे जिले भी यहां के प्रयासों से सीख सकें।
   बैठक में सफाई कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याएं और सुझाव रखे। कोल इंडिया एससी-एसटी एम्प्लॉयज एसोसिएशन (सिस्टा) के श्री आर.पी. खांडे ने एसईसीएल की कॉलोनियों में सफाई व्यवस्था, शौचालयों के नालियों से जुड़े होने, बोनस के भुगतान और संबंधित मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों एवं ठेकेदारों पर कार्रवाई की मांग रखी। उन्होंने आम नागरिकों और कॉलोनी वासियों से सुझाव तथा आपत्तियां आमंत्रित करने का भी आग्रह किया। सफाई कर्मचारी संगठन के श्री सिकंदर उसरवरसा ने सफाई टैंक में हुई मृत्यु के बाद मुआवजे, कर्मचारियों की समस्याओं और निगरानी समिति की बैठक नियमित रूप से नहीं होने का विषय उठाया। इस पर एसडीएम कोरबा ने बताया कि मुआवजा प्रकरण में आवश्यक कार्रवाई के लिए शासन स्तर पर प्रस्ताव भेजा गया है।
   आयोग के उपाध्यक्ष ने सफाई कार्य में लगे कर्मचारियों को कम वेतन दिए जाने की शिकायतों पर एनटीपीसी प्रबंधन से जुड़े मामलों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए। उन्होंने मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य केंद्रों में सफाई व्यवस्था की समीक्षा करने तथा सफाई कर्मचारियों के हित में सार्वजनिक उपक्रमों के सीएसआर और विभिन्न विभागों के माध्यम से समन्वित कार्ययोजना बनाने को कहा। उन्होंने सतर्कता समिति की बैठक समय-समय पर आयोजित करने और अन्य राज्यों से आकर सफाई कार्य करने वाले कर्मचारियों के जाति प्रमाणपत्र संबंधी मामलों पर उच्च स्तर पर चर्चा करने की बात भी कही।
   नगर पालिक निगम आयुक्त श्री आशुतोष पांडे ने निगम क्षेत्र की सफाई व्यवस्था और कर्मचारियों के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निगम में सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई मैनुअल पद्धति से नहीं, बल्कि सीवर जेटिंग और सक्शन मशीनों के माध्यम से कराई जाती है। सफाई कार्य में लगे कर्मचारियों का जिला चिकित्सालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। कर्मचारियों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं और उन्हें स्वास्थ्य बीमा का लाभ भी दिया जा रहा है। निगम में कार्य के दौरान सफाई कर्मचारियों की मृत्यु की संख्या शून्य बताई गई। उन्होंने तरल अपशिष्ट के एफएसटीपी में निपटान, ठोस अपशिष्ट के लिए एमआरएफ सेंटर और नमस्ते योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण संबंधी जानकारी भी दी।
    कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने कहा कि आयोग द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सफाई कर्मचारियों और उनके बच्चों को शासन की योजनाओं से लाभान्वित करने, उनके वेतन एवं सुविधाओं की जांच करने और उनके कल्याण के लिए जरूरी कदम उठाने के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया जाएगा।
    बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रतीक जैन, अपर कलेक्टर श्री देवेंद्र पटेल, सहायक कलेक्टर श्री जायसवाल, एसडीएम कोरबा श्री सरोज महिलांगे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, श्रम एवं समाज कल्याण विभाग के अधिकारी, सार्वजनिक उपक्रमों के प्रतिनिधि, नगर निगम के अधिकारी तथा सफाई कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।