कोरबा सहित प्रदेश के हजारों विद्युत कर्मचारियों के हित में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन ने पावर कंपनी प्रबंधन को भेजा मांग पत्र
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन ने प्रदेश के विद्युत अधिकारी-कर्मचारियों के हित में दशहरा एवं दीपावली के पूर्व कम से कम ₹30,000 अथवा एक माह के वेतन के बराबर बोनस/अनुग्रह राशि प्रदान करने की मांग की है। यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष अनिल द्विवेदी ने इस संबंध में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज लिमिटेड के अध्यक्ष को पत्र प्रेषित कर कर्मचारी हित में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया है।
अनिल द्विवेदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ की विद्युत व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में विद्युत अधिकारी एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। भीषण गर्मी हो या कड़ाके की ठंड, दिन हो या रात, विद्युत उत्पादन, पारेषण एवं वितरण व्यवस्था को निर्बाध बनाए रखने के लिए कर्मचारी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करते हैं। कई बार आपात परिस्थितियों में उन्हें अपने परिवार से दूर रहकर भी विद्युत व्यवस्था को संभालना पड़ता है। ऐसे में त्योहारों के अवसर पर उनके परिश्रम का सम्मान करना और उनके परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करना कंपनी प्रबंधन की संवेदनशीलता का परिचायक होगा।
कोरबा में दोहरी तस्वीर, विद्युत कर्मचारियों को भी मिले सम्मान
यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष ने विशेष रूप से कोरबा जिले का उल्लेख करते हुए कहा कि कोरबा प्रदेश की ऊर्जा व्यवस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां स्थित विद्युत संयंत्रों में कार्यरत अधिकारी एवं कर्मचारी प्रदेश को रोशन रखने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं। इसके बावजूद बोनस एवं अनुग्रह राशि के मामले में विद्युत कर्मचारियों को अपेक्षित राहत नहीं मिल पाने से उनमें निराशा की भावना उत्पन्न होती है।
उन्होंने कहा कि कोरबा में BALCO, SECL एवं NTPC जैसी बड़ी औद्योगिक एवं सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों को त्योहारों के अवसर पर बोनस और प्रोत्साहन राशि का लाभ मिलने की चर्चा रहती है। ऐसे में विद्युत कंपनी के कर्मचारियों की अपेक्षा भी स्वाभाविक है कि उनके परिश्रम को उचित आर्थिक सम्मान मिले और वे भी अपने परिवार के साथ त्योहार खुशहाली से मना सकें।
महंगाई के दौर में कर्मचारियों को आर्थिक संबल जरूरी
अनिल द्विवेदी ने कहा कि वर्तमान समय में खाद्य सामग्री, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और दैनिक आवश्यकताओं पर होने वाला खर्च लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में त्योहारों के पूर्व मिलने वाली बोनस अथवा अनुग्रह राशि कर्मचारियों के परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। यह राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि कर्मचारियों के मनोबल, सम्मान और कंपनी के प्रति विश्वास को मजबूत करने का माध्यम भी है।
यूनियन की प्रमुख मांगें
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन ने मांग की है कि वर्ष 2026 में कंपनी में कार्यरत सभी पात्र नियमित अधिकारी-कर्मचारियों के साथ पात्र संविदा एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी इस सुविधा का लाभ दिया जाए। प्रत्येक पात्र कर्मचारी को कम से कम एक माह के वेतन के बराबर अथवा न्यूनतम ₹30,000 की बोनस/अनुग्रह राशि प्रदान की जाए। इसका भुगतान दशहरा एवं दीपावली के पूर्व किया जाए तथा किसी भी कर्मचारी वर्ग के साथ भेदभाव न हो।
यूनियन ने पावर कंपनी प्रबंधन से इस विषय पर तत्काल निर्णय लेकर आवश्यक आदेश जारी करने का आग्रह किया है। इस मांग पत्र की प्रतिलिपि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री तथा पावर कंपनी के प्रबंध निदेशक को भी आवश्यक अवलोकन एवं कार्यवाही हेतु प्रेषित की गई है।
कर्मचारियों के घरों में भी खुशियों का दीप जले
अनिल द्विवेदी ने कहा कि विद्युत कर्मचारी पूरे प्रदेश के घरों, उद्योगों और प्रतिष्ठानों को रोशन रखने के लिए निरंतर सेवाएं देते हैं। इसलिए त्योहारों के अवसर पर उनके अपने घरों में भी खुशियों का उजाला पहुंचना चाहिए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि कंपनी प्रबंधन इस मांग पर मानवीय संवेदना, कर्मचारी कल्याण और श्रम के सम्मान को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक निर्णय लेगा।







