बिलासपुर, 09 अक्टूबर।सोशल मीडिया पर लाइक, व्यूज और पब्लिसिटी बटोरने के चक्कर में धार्मिक आस्था और पारंपरिक वेशभूषा का मज़ाक उड़ाना नौ आरोपियों को भारी पड़ गया। गरबा नृत्य की वेशभूषा में सिगरेट का सेवन करने और हाथ में पिस्टलनुमा वस्तु लहराकर रील बनाने के मामले में बिलासपुर की सिविल लाइन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने एक मुख्य महिला आरोपी और उसके महिला-पुरुष सहयोगियों सहित कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके खिलाफ सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के तहत अपराध क्रमांक 1390/2026 पंजीकृत किया गया है।
मेकअप और टिकट प्रचार के लिए बनाई थी रील
जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने नवरात्रि के दौरान गरबा पास (टिकट) और एक ब्यूटी पार्लर के मेकअप का प्रचार-प्रसार करने के लिए रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे पर यह वीडियो शूट किया था। इंस्टाग्राम और फेसबुक पर वीडियो वायरल होने के बाद समाज में इसका कड़ा विरोध शुरू हो गया। शिकायतकर्ता ने थाने उपस्थित होकर लिखित शिकायत दर्ज कराई कि वीडियो में भारतीय संस्कृति के विपरीत अशोभनीय और गलत चीजों को महिमामंडित किया गया है, जिससे युवा पीढ़ी पर बेहद गलत असर पड़ने की आशंका है।
इन धाराओं के तहत हुई कार्रवाई
सिविल लाइन पुलिस ने प्राप्त शिकायत और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना), 299 (जानबूझकर धार्मिक भावनाएं भड़काना) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया है।
बिलासपुर पुलिस ने आरोपियों पर केवल सामान्य वैधानिक कार्रवाई ही नहीं की है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस के अनुसार, सभी 9 आरोपियों के विरुद्ध पृथक से प्रतिबंधात्मक (preventative) कार्रवाई की जा रही है, जिसके तहत उन्हें कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर ज्यादा से ज्यादा राशि से बाउंड ओवर (जमानती बंधपत्र) कराया जा रहा है, ताकि वे दोबारा ऐसा कृत्य न कर सकें।
बिलासपुर पुलिस की सख्त चेतावनी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सोशल मीडिया यूज़र्स और इन्फ्लुएंसर्स के लिए एक कड़क गाइडलाइन और चेतावनी जारी की है:
- भावनाएं आहत करने पर जेल: मनोरंजन या बिजनेस पब्लिसिटी के नाम पर धार्मिक आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक प्रतीकों का ऐसा प्रदर्शन कतई बर्दाश्त नहीं होगा जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़े।
- अशोभनीय सामग्री पर नजर: सोशल मीडिया पर हथियारनुमा वस्तुओं के प्रदर्शन और अभद्र कंटेंट पोस्ट करने वालों पर आईटी एक्ट और बीएनएस के तहत कठोरतम कार्रवाई होगी।
- सोशल मीडिया सेल सक्रिय: बिलासपुर पुलिस की स्पेशल विंग सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले भ्रामक और आपत्तिजनक कंटेंट पर २४ घंटे सतत निगरानी रख रही है।
जनता से अपील: बिना सत्यापन के न करें फॉरवर्ड
पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करें। किसी भी ऐसी सामग्री को, जिससे धार्मिक या सामाजिक सौहार्द बिगड़ने का खतरा हो, बिना पुलिस सत्यापन के आगे फॉरवर्ड या शेयर न करें।







