डिजिटल तकनीक से ई-रिक्शा यात्रियों की सुरक्षा को मिलेगा नया आयाम: न्यायधानी में आज से क्यूआर आधारित सुरक्षा व्यवस्था का आगाज

Digital technology will give a new dimension to the safety of e-rickshaw passengers: QR-based security system launched in the judicial capital today.

बिलासपुर पुलिस की अनूठी पहल: एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर चेतना भवन में दोपहर 03:00 बजे होगा भव्य शुभारंभ, हर ऑटो का बनेगा डिजिटल डेटाबेस

बिलासपुर।छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और हाईटेक बनाने की दिशा में यातायात बिलासपुर पुलिस आज एक बड़ी शुरुआत करने जा रही है। पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (DIG/SSP) श्री रजनेश सिंह के दिशा-निर्देश पर जिले के सभी ई-रिक्शा और ऑटो के डिजिटल पंजीकरण एवं क्यूआर (QR) कोड आधारित पहचान व्यवस्था का शुभारंभ आज, 08 अक्टूबर को दोपहर 03:00 बजे पुलिस ग्राउंड स्थित चेतना भवन में किया जाएगा।

इस अभिनव पहल का मुख्य उद्देश्य शहर में चलने वाले ई-रिक्शा चालकों और वाहनों की पूरी जानकारी को डिजिटल रूप से व्यवस्थित करना है, जिससे आम नागरिकों और विशेषकर महिला यात्रियों को यात्रा के दौरान एक सुरक्षित, सत्यापित और विश्वसनीय परिवहन का माहौल मिल सके।

मोबाइल से स्कैन करते ही स्क्रीन पर आएगा चालक का पूरा बायोडाटा

यातायात पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस अभियान के तहत जिले के समस्त ऑटो और ई-रिक्शा का डिजिटल पंजीकरण अनिवार्य होगा। पंजीकरण के दौरान चालक की पहचान, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, वाहन संबंधी विवरण और फोटो को पुलिस के डिजिटल रिकॉर्ड में सुरक्षित किया जाएगा। इसके बाद प्रत्येक वाहन को एक विशिष्ट डिजिटल आईडी (Unique ID) और क्यूआर कोड आवंटित होगा, जिसे वाहन पर चश्मा किया जाएगा। ई-रिक्शा में बैठने से पहले यात्री अपने मोबाइल फोन से इस कोड को स्कैन कर चालक और वाहन की पूरी सत्यता की जांच मौके पर ही कर सकेंगे।

महिला एवं वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा पर विशेष फोकस

बिलासपुर पुलिस का यह सॉफ्टवेयर जनहित और महिला सुरक्षा को समर्पित एक उल्लेखनीय सामाजिक पहल है। रात के समय या सुनसान रास्तों पर सफर करते समय महिलाएँ, बच्चे और वरिष्ठ नागरिक इस क्यूआर कोड को स्कैन कर वाहन की लाइव जानकारी तत्काल अपने परिजनों या पुलिस के साथ साझा (Share) कर सकेंगे। किसी भी आपात स्थिति या ऑटो में सामान छूटने की दशा में इस डिजिटल रिकॉर्ड के जरिए संबंधित वाहन और चालक को चंद मिनटों में ट्रैक किया जा सकेगा।

अवैध वाहनों पर लगेगी लगाम, पुलिस की निगरानी होगी सख्त

अक्सर देखा गया है कि ई-रिक्शा में नंबर प्लेट स्पष्ट न होने के कारण यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले या संदिग्ध वाहनों की पहचान मुश्किल होती थी। अब बिलासपुर पुलिस के पास सभी सत्यापित चालकों का सेंट्रलाइज्ड डेटाबेस उपलब्ध होगा। इससे न केवल अपराधों पर लगाम लगेगी, बल्कि वैध और ईमानदार चालकों को भी समाज में एक नई और सम्मानित पहचान मिलेगी। बिलासपुर पुलिस द्वारा इस पूरी व्यवस्था को स्थाई रूप से नियमित संचालित किया जाएगा, ताकि भविष्य में सार्वजनिक परिवहन का यह सुरक्षा मॉडल पूरे राज्य के लिए एक मिसाल बन सके।