धान खरीदी में अब नहीं चलेगा कोई ‘घपला’, साय सरकार तैनात करेगी AI तकनीक, जानिए किसानों को कैसे होगा फायदा!

There will be no more fraud in paddy procurement, the government will deploy AI technology, find out how farmers will benefit!

रायपुर। छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने आगामी धान खरीदी सीजन को पूरी तरह से पारदर्शी बनाने के लिए कमर कस ली है। इस बार मंडियों और सोसायटियों में होने वाली हर गतिविधि पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की तीसरी आंख का पहरा होगा।

पोर्टल के लिए मुख्य बिंदु (Key Highlights):
• तकनीकी क्रांति: धान खरीदी की मॉनिटरिंग के लिए पहली बार बड़े पैमाने पर होगा AI का उपयोग।
• बिचौलियों पर वार: गड़बड़ी करने वालों और फर्जी पंजीयन पर तुरंत लगेगी लगाम।
• सीधा भुगतान: वास्तविक किसानों के खातों में बिना किसी देरी के पहुंचेगी राशि।

पूरी खबर:
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर हर साल आने वाली शिकायतों को दूर करने के लिए खाद्य विभाग और चिप्स (CHiPS) मिलकर एक विशेष एआई आधारित सिस्टम तैयार कर रहे हैं। इस तकनीक के जरिए उपग्रह (Satellite) से मिले खेतों के नक्शों और किसानों द्वारा बोई गई फसल के डेटा का मिलान एआई सॉफ्टवेयर करेगा। अगर किसी बिचौलिए या असमाजिक तत्व ने फर्जी तरीके से ज्यादा धान बेचने की कोशिश की, तो सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी कर देगा। सरकार का मानना है कि इस डिजिटल बदलाव से न सिर्फ सरकारी खजाने की बचत होगी, बल्कि दूर-दराज के गांवों में रहने वाले छोटे किसानों को भी अपनी फसल बेचने के लिए कतारों और दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।