प्रबंध निदेशक को सौंपा पत्र, वर्ष 1989 के पुराने आदेश की समीक्षा करने और न्यायसंगत भत्ता देने की मांग की
रायपुर, 2 सितंबर 2026 (इंडिया टुडे लाइव) छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी में कार्यालय सहायक श्रेणी–तीन के कर्मचारियों को कार्यालय सहायक श्रेणी–दो के रिक्त पदों पर पदोन्नति देने के बजाय चालू प्रभार सौंपे जाने के आदेश का कड़ा विरोध किया है। यूनियन ने इसे कर्मचारियों के साथ वादाखिलाफी और उनके हितों के विपरीत बताया है।
जनता यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष अनिल द्विवेदी ने इस संबंध में प्रबंध निदेशक, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी लिमिटेड को एक पत्र सौंपा है। पत्र में कहा गया है कि यूनियन लंबे समय से रिक्त पदों को नियमित पदोन्नति के माध्यम से भरने की मांग करती रही है। प्रबंधन के साथ संपन्न हुई द्विपक्षीय वार्ता में भी रिक्त पदों पर जल्द पदोन्नति देने का स्पष्ट आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद नियमित पदोन्नति न देकर कर्मचारियों को चालू प्रभार सौंपना न्यायसंगत नहीं है।
37 साल पुराने नियम बदलने की मांग
यूनियन ने पत्र में ध्यानाकर्षण कराया कि वर्ष 1989 के पूर्ववर्ती मंडल के आदेश के अनुसार उच्च पद का चालू प्रभार दिए जाने पर निर्धारित भत्ते का प्रावधान है। वर्तमान समय में महंगाई एवं वेतनमान में हुए व्यापक बदलाव को देखते हुए इस 37 साल पुरानी व्यवस्था की पुनः समीक्षा किया जाना बेहद आवश्यक हो गया है।
यूनियन की मुख्य मांगें:
- कार्यालय सहायक श्रेणी–दो के सभी रिक्त पदों को तत्काल नियमित पदोन्नति के माध्यम से भरा जाए।
- चालू प्रभार के संबंध में वर्ष 1989 के पुराने आदेश को शिथिल करते हुए नवीन एवं न्यायसंगत आदेश जारी किया जाए।
- उच्च पद का चालू प्रभार दिए जाने की स्थिति में भत्ते की सीमा में वर्तमान वेतनमान के अनुरूप संशोधन हो।
अनिल द्विवेदी, प्रांतीय अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन का कहना है कि
“कर्मचारियों को उनका हक पदोन्नति के माध्यम से मिलना चाहिए। रिक्त पदों पर पदोन्नति किए बिना चालू प्रभार देकर कर्मचारियों के साथ न्याय नहीं किया जा सकता। जनता यूनियन कर्मचारी हितों की इस मांग को लेकर अपना संघर्ष जारी रखेगी।”
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