शिकंजे में आया एक करोड़ का इनामी नक्सली मिसिर बेसरा, पांच साथियों समेत पुलिस के हत्थे चढ़ा

Naxalite Misir Besra, carrying a bounty of Rs 1 crore, was arrested along with five of his associates.

धनबाद,29जुलाई । झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन-209 ने संयुक्त अभियान में बड़ी सफलता हासिल करते हुए 1 करोड़ रुपये के इनामी और केंद्रीय कमेटी सदस्य मिसिर बेसरा को गिरफ्तार कर लिया है। उसके साथ दो अन्य नक्सलियों को भी हिरासत में लिया गया है। मिसिर बेसरा झारखंड, बिहार समेत कई राज्यों में मोस्ट वांटेड नक्सलियों की सूची में शामिल था।

जंगल में घेराबंदी कर दबोचा
खुफिया एजेंसियों से मिली सटीक सूचना के आधार पर झारखंड पुलिस और कोबरा-209 ने मंगलवार देर रात धनबाद-गिरिडीह सीमा स्थित मनियाडीह के जंगल में संयुक्त ऑपरेशन चलाया। घेराबंदी के दौरान मिसिर बेसरा और उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया गया।

कई राज्यों में दर्ज हैं गंभीर मामले

मिसिर बेसरा लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर था। उस पर झारखंड सहित कई राज्यों में नक्सली हिंसा, सुरक्षा बलों पर हमलों की साजिश और अन्य गंभीर मामलों के आरोप हैं। सुरक्षा एजेंसियां उसकी गिरफ्तारी को माओवादी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कामयाबी मान रही हैं।

एक दिन पहले 16 माओवादियों ने किया था सरेंडर

इस कार्रवाई से एक दिन पहले झारखंड पुलिस के सामने 16 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया था। इनमें छह नक्सलियों पर कुल 39 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

आत्मसमर्पण करने वालों में संतोष महतो उर्फ बासुदेव दा उर्फ दिलीप भी शामिल है, जो 128 मामलों में वांछित था और उस पर 15 लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले समूह में पांच महिला माओवादी, एक क्षेत्रीय समिति सदस्य, एक जोनल समिति सदस्य, दो उप-जोनल समिति सदस्य और दो एरिया समिति पदाधिकारी भी शामिल हैं।

पुलिस ने बताया बड़ी उपलब्धि

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी और एक दिन पहले 16 माओवादियों का आत्मसमर्पण झारखंड में माओवादी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन कार्रवाइयों से राज्य में नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।