नई दिल्ली। मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG में अगले वर्ष यानी 2027 से बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को घोषणा की कि NEET UG 2027 अब पूरी तरह कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही वर्षों से इस्तेमाल हो रही OMR शीट प्रणाली पूरी तरह समाप्त कर दी जाएगी। अब अभ्यर्थियों को जेईई मेन की तर्ज पर कंप्यूटर पर परीक्षा देनी होगी।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि यह फैसला परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। पिछले वर्षों में NEET परीक्षा को लेकर सामने आए पेपर लीक और अनियमितताओं के मामलों के बाद परीक्षा प्रक्रिया में व्यापक सुधार की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अब तक NEET UG परीक्षा ऑफलाइन मोड में आयोजित होती थी, जिसमें अभ्यर्थी OMR शीट पर उत्तर भरते थे। वर्ष 2027 से यह व्यवस्था पूरी तरह बदल जाएगी और सभी उम्मीदवारों को निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर कंप्यूटर के माध्यम से परीक्षा देनी होगी। इससे परीक्षा प्रक्रिया अधिक तकनीकी, तेज और निगरानी योग्य बनेगी।
धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट किया कि परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता को लेकर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है। उन्होंने कहा कि पूर्व में सामने आए मामलों की जांच जारी है और जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि CBT मोड लागू होने से पेपर लीक जैसी घटनाओं पर काफी हद तक रोक लग सकेगी। साथ ही परीक्षा की सुरक्षा, निगरानी और मूल्यांकन प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी होगी। कंप्यूटर आधारित परीक्षा से प्रश्नपत्रों के सुरक्षित वितरण और परीक्षा संचालन में आधुनिक तकनीक का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा।
हालांकि, इस बदलाव के साथ लाखों छात्रों को अपनी तैयारी की रणनीति भी बदलनी होगी। अब केवल विषयों की तैयारी ही नहीं, बल्कि कंप्यूटर आधारित परीक्षा पैटर्न, स्क्रीन पर प्रश्न हल करने की तकनीक और समय प्रबंधन का अभ्यास भी आवश्यक होगा।
देशभर में हर वर्ष लाखों छात्र MBBS, BDS और अन्य मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए NEET UG परीक्षा देते हैं। ऐसे में 2027 से लागू होने वाला यह नया परीक्षा प्रारूप देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में एक ऐतिहासिक बदलाव माना जा रहा है।







