कोरबा 8 जुलाई 2026/ शिवाय हॉस्पिटल में डॉक्टर ने एक साल से पेट के दर्द से पीड़ित एक व्यक्ति को उसके कष्टों से मुक्ति दिला दी है. डॉक्टर ने मरीज का सफल ऑपरेशन कर उसके पेट 1.5 लीटर तरल पदार्थ निकाली,ऑपरेशन के बाद मरीज अब आराम में है,
31 वर्षीय रामखिलावन दर्द के कारण कई अस्पतालों के चक्कर लगाने सही इलाज नहीं होने के कारण उसका उम्मीद इलाज से लगभग टूट चुकी थी,फिर एक सलाह, कोरबा बस स्टैंड स्थित शिवाय हॉस्पिटल उसके लिए जीवन की नई उम्मीद बनकर सामने आया,अत्यधिक शराब सेवन के कारण उसके स्वादुपिंड (पैंक्रियाज) के पास पैनक्रिएटिक सूडोसिस्ट बन गया था, जिसमें करीब डेढ़ लीटर तरल पदार्थ जमा हो चुका था। गैस्ट्रो सर्जन डॉ. हिमांशु कोल्हे ने समय रहते जटिल सिस्टोगैस्ट्रोस्टॉमी सर्जरी कर मरीज की जान बचा ली।
31 वर्षीय रामखिलावन पिछले करीब एक वर्ष से लगातार असहनीय पेट दर्द से परेशान था। इस दौरान उसने कई अस्पतालों में इलाज कराया और कई बार भर्ती भी हुआ, लेकिन बीमारी की सही वजह सामने नहीं आ सकी। दर्द लगातार बढ़ता गया और उसकी स्थिति गंभीर होती चली गई। आखिरकार परिजन उसे शिवाय हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां विशेषज्ञ जांच शुरू की गई।जांच में सामने आई गंभीर बीमारी शिवाय हॉस्पिटल में गैस्ट्रो सर्जन डॉ. हिमांशु कोल्हे की देखरेख में सीटी स्कैन और अन्य जांच कराई गई। जांच में पता चला कि मरीज के पैंक्रियाज के ऊपर बड़ा पैनक्रिएटिक सूडोसिस्ट बन चुका है, जिसमें लगभग 1 से 1.5 लीटर तरल पदार्थ जमा था। चिकित्सकों के अनुसार यह स्थिति लंबे समय तक अत्यधिक शराब सेवन के कारण उत्पन्न हुई थी और समय पर इलाज नहीं होता तो मरीज की जान को गंभीर खतरा हो सकता था।

जटिल सर्जरी से बची जिंदगी
मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए परिजनों की सहमति के बाद गैस्ट्रो सर्जन डॉ. हिमांशु कोल्हे ने लैप्रोटॉमी एवं सिस्टोगैस्ट्रोस्टॉमी जैसी जटिल सर्जरी की। ऑपरेशन के दौरान सिस्ट में जमा करीब डेढ़ लीटर तरल पदार्थ सुरक्षित बाहर निकाला गया। साथ ही भविष्य में दोबारा ऐसी समस्या न हो, इसके लिए सिस्ट की दीवार को पेट (स्टमक) से जोड़ दिया गया। सर्जरी पूरी तरह सफल रही और मरीज खतरे से बाहर आ गया।
दो दिन में सामान्य भोजन, स्वस्थ होकर लौटा घर
सफल ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत तेजी से सुधरने लगी। महज दो दिनों के भीतर वह सामान्य रूप से भोजन करने लगा। लगातार स्वास्थ्य में सुधार होने पर डॉक्टरों ने उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी। परिजनों ने भावुक होकर डॉ. हिमांशु कोल्हे और शिवाय हॉस्पिटल के मेडिकल स्टाफ का आभार जताते हुए कहा कि सही समय पर मिले उपचार ने उनके अपने को नया जीवन दे दिया।
शराब की लत को हल्के में न लें: डॉ. हिमांशु कोल्हे
गैस्ट्रो सर्जन डॉ. हिमांशु कोल्हे ने बताया कि लगातार शराब का सेवन स्वादुपिंड सहित शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। यदि लंबे समय तक पेट में दर्द, उल्टी, भूख न लगना या पाचन संबंधी समस्या बनी रहे तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच और विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह से ऐसी जटिल बीमारियों का सफल उपचार संभव है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि नशे की लत से दूरी बनाए रखें और किसी भी गंभीर लक्षण को अनदेखा करने के बजाय समय रहते विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लें।







