भीषण गर्मी की चपेट में छत्तीसगढ, 43.4 डिग्री पहुंचा पारा, अगले पांच दिन लू का अलर्ट

Chhattisgarh reels under intense heat, with temperatures reaching 43.4 degrees Celsius, and a heatwave alert for the next five days.

बिलासपुर 20 मई 2026। इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। सुबह से ही तेज धूप लोगों को झुलसाने लगी है और दोपहर होते-होते शहर आग के गोले में तब्दील नजर आने लगता है। सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है, गर्म हवाओं के थपेड़े लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर रहे हैं। हालात इतने खराब हो गए हैं कि रात के समय भी लोगों को गर्मी और उमस से राहत नहीं मिल पा रही है।

मंगलवार को बिलासपुर का अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान भी 29.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आने वाले चार से पांच दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी हो सकती है। यदि यही स्थिति बनी रही तो शहर का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है।

सुबह 10 बजे के बाद ही शहर की सड़कों पर निकलना मुश्किल हो रहा है। जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोग सिर और चेहरा कपड़े से ढंककर चल रहे हैं। तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों को झुलसा रही हैं। दोपहर के समय बाजार और सड़कें लगभग सूनी नजर आ रही हैं। गर्मी का असर केवल दिन में ही नहीं बल्कि रात में भी महसूस किया जा रहा है। उमस और गर्म हवाओं के कारण लोगों की नींद तक प्रभावित हो रही है। घरों में लगे पंखे और कूलर भी राहत देने के बजाय गर्म हवा फेंकते दिखाई दे रहे हैं।

मौसम विभाग के अनुसार अगले पांच दिनों तक जिले के कई इलाकों में लू चलने की संभावना है। विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने कहा गया है।

भीषण गर्मी का असर अब लोगों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है। जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, उल्टी, चक्कर, सिरदर्द और कमजोरी की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। डॉक्टरों के अनुसार शरीर में पानी की कमी और तेज गर्मी के कारण लोग तेजी से बीमार पड़ रहे हैं।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी अलर्ट जारी किया है। सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में इलेक्ट्राल काउंटर शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मरीजों को तत्काल राहत मिल सके। अस्पतालों में ORS और जरूरी दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।

विशेषज्ञों ने लोगों को अधिक से अधिक पानी पीने, हल्का भोजन करने और धूप में निकलने से बचने की सलाह दी है। फिलहाल मौसम विभाग की चेतावनी और बढ़ते तापमान ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। शहरवासी अब मानसून और बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।