जांजगीर 12 मई 2026- अटल बिहारी वाजपेयी ताप विद्युत संयंत्र (एबीवीटीपीएस) मड़वा में मंगलवार की सुबह 10.30 बजे उस समय हड़कंप मच गया जब क्लोरीनेशन प्लांट में हताहत होने की सूचना आपात स्थिति नियंत्रक केंद्र को दी गई। केवल 2 मिनट में रिस्पांस करते हुए अग्निशमन कर्मचारी अपने वाहन के साथ पहुंचे और तुरंत ही क्लोरीनेशन प्लांट के सामने पानी की बौछार कर एक वाटर कर्टेन तैयार किया ताकि वहां पर क्लोरीन गैस के रिसाव को रोका जा सके। क्लोरीनेशन प्लांट के अंदर एक कर्मचारी हताहत पाया गया जिसे अग्निशमन कर्मचारियों द्वारा रेसक्यू किया गया।

वरिष्ठ रसायनज्ञ बीसी. बघेल के अनुसार क्लोरीनेशन प्लांट में टोनर को बदलने के बाद क्लोरीन गैस का रिसाव हुआ था। इससे अलार्म बजा। शिफ्ट इंचार्ज द्वारा घटना की सूचना आपात स्थिति नियंत्रक केंद्र को दी गई। आपात स्थिति नियंत्रक केंद्र द्वारा त्वरित रूप से अग्निशमन विभाग, सुरक्षा विभाग, संधारण विभाग एवं औद्योगिक स्वास्थ्य केंद्र को सूचना दी गई। विद्युत संयंत्र में चार बार रूक रूक कर सायरन बजाया गया। इस सायरन से संयंत्र में क्लोरीन गैस रिसाव की आनसाइट इमरजेंसी की सूचना दी जाती है। यह संरक्षा विभाग की ओर से आयोजित पूर्वाभ्यास था। पूर्वाभ्यास का आयोजन सहायक संचालक (औद्योगिक स्वास्थ्य एवं संरक्षा) श्री अश्वनी पटेल के मार्गदर्शन एवं मुख्य अभियंता श्री एचएन. कोसरिया के निर्देशन में किया गया। पूर्वाभ्यास के बाद स्थिति सामान्य होने पर मुख्य अभियंता श्री एचएन. कोसरिया को अग्निशमन विभाग, सुरक्षा विभाग एवं अन्य संबंधित विभाग ने क्रमशः रेसक्यू आॅपरेशन की रिपोर्टिंग दी।

इस पूर्वाभ्यास में अतिरिक्त मुख्य अभियंता आलोक लकरा, एन. लकरा, रसायन विभाग से मुख्य रसायनज्ञ अभय मिश्रा, संरक्षा विभाग से अधीक्षण अभियंता (संरक्षा) एन. साहा, कार्यपालन अभियंता नरेंद्र कुमार देवांगन, सहायक अभियंता विजय कुमार बर्मन, अग्निशमन अधिकारी एमके. रायकवार समेत चिकित्सा विभाग एवं सुरक्षा विभाग अपने दलबल के साथ शामिल हुए।
सतह से 5 मीटर की ऊंचाई तक फैलती है दमघोटक क्लोरीन गैस-

क्लोरीन प्लांट में बड़े-बड़े सिलेंडर में क्लोरीन गैस स्टोर रहता है। यहां क्लोरीनेटर सिस्टम के जरिए क्लोरीन को पानी में घुलित किया जाता है। यह पानी विद्युत संयंत्र में उपयोग किया जाता है। क्लोरीनेशन से विद्युत संयंत्र का पानी लंबे समय तक साफ-सुथरा रहता है। रसायन विभाग पानी को विभिन्न विधियों से निष्पादित कर खनिज रहित पानी तैयार करता है जिसे विद्युत संयंत्र में उपयोग किया जाता है। यह उल्लेखनीय है कि क्लोरीनेटर 3.5 किलोग्राम के दाब पर कार्य करता है। क्लोरीन गैस का टीएलवी 0.5 पीपीएम है। इससे ज्यादा होने पर यह दमघोटक हो जाती है। रिसाव होने पर यह गैस सतह से 5 मीटर की ऊंचाई तक फैलती है। इसलिए इस जहरीली गैस का रिसाव मानव जीवन के लिए बहुत ही खतरनाक है।




