सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को कई बड़े और संवेदनशील मामलों पर सुनवाई होनी है। नौ जजों की संविधान पीठ सबरीमाला मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश से जुड़े 2018 के फैसले की समीक्षा करेगी। इसके अलावा शीर्ष अदालत मणिपुर जातीय हिंसा के स्पीडी ट्रायल, उन्नाव रेप केस में पूर्व भाजपा नेता कुलदीप सेंगर की जमानत के खिलाफ सीबीआई की याचिका, आसाराम ट्रस्ट के जमीन विवाद और कांग्रेस नेता शशि थरूर के मानहानि मामले पर भी अहम सुनवाई करेगी।
सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार का दिन बेहद अहम रहने वाला है। आज देश की शीर्ष अदालत कई बड़े और संवेदनशील मामलों पर सुनवाई करेगी। इनमें सबसे प्रमुख मामला केरल के सबरीमाला मंदिर से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट की नौ जजों की संविधान पीठ 2018 के उस ऐतिहासिक फैसले की समीक्षा की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई करेगी, जिसमें सभी उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी गई थी।
इसके साथ ही, अदालत मणिपुर जातीय हिंसा से संबंधित याचिकाओं पर भी सुनवाई करेगी, जिसमें इस घटना से जुड़े मामलों की त्वरित और निष्पक्ष ट्रायल की मांग की गई है। वहीं, बहुचर्चित उन्नाव दुष्कर्म मामले में पूर्व भाजपा नेता कुलदीप सेंगर को मिली जमानत के खिलाफ सीबीआई की याचिका पर भी आज अदालत में अहम सुनवाई होनी है।
सुप्रीम कोर्ट स्वयंभू बाबा आसाराम के ट्रस्ट की उस याचिका पर भी सुनवाई करेगा, जिसमें गुजरात सरकार द्वारा उसकी जमीन के अधिग्रहण को चुनौती दी गई है। राज्य सरकार ने 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों के मद्देनजर नियमों के उल्लंघन और अतिक्रमण के आरोप में यह कार्रवाई की है।
अदालत राजनीतिक मामलों में कांग्रेस नेता शशि थरूर की याचिका पर भी सुनवाई करेगी। थरूर ने 2019 में की गई अपनी एक टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज शिकायत को रद्द करने से इनकार कर दिया था।









