माँ सर्वमंगला मंदिर घाट पर भव्य हसदेव आरती सम्पन्न वैशाख पूर्णिमा पर उमड़ा आस्था का सैलाब,

A grand Hasdev Aarti was held at the Maa Sarvamangala Temple Ghat; a wave of faith surged on Vaishakh Purnima.

हसदेव संरक्षण का लिया सामूहिक संकल्प

मुख्य यजमान और विशिष्ट यजमानों ने की आयोजन की सराहना, समिति के प्रयासों को बताया प्रेरणादायी

पर्यावरण जागरूकता, सामाजिक सहभागिता और नदी संरक्षण का दिया सशक्त संदेश

कोरबा 02 भी 2026/ वैशाख पूर्णिमा के पावन अवसर पर 1 मई शुक्रवार को माँ सर्वमंगला मंदिर घाट, कोरबा में नमामि हसदेव सेवा समिति द्वारा आयोजित भव्य हसदेव आरती श्रद्धा, भक्ति और जनसहभागिता के साथ सम्पन्न हुई। शाम 6 बजे आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु सपरिवार शामिल हुए। घाट परिसर दीपों की अलौकिक रोशनी, वैदिक मंत्रोच्चार और सामूहिक आरती से भक्तिमय वातावरण में परिवर्तित हो गया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हसदेव नदी, उसकी सहायक नदियों एवं प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण, स्वच्छता और जनजागरूकता को बढ़ावा देना रहा। नमामि हसदेव सेवा समिति द्वारा निरंतर किए जा रहे संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण एवं तट सौंदर्यीकरण के प्रयासों को इस आयोजन ने नई ऊर्जा प्रदान की।

मुख्य यजमान के रूप में गायत्री शक्तिपीठ कोरबा के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी श्री कमलेश मिश्रा ने कार्यक्रम में सहभागिता निभाते हुए समिति के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि हसदेव नदी को स्वच्छ और संरक्षित रखना केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने नमामि हसदेव सेवा समिति के सतत प्रयासों को प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि धार्मिक आस्था के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का यह अभियान समाज को नई दिशा दे रहा है। श्री मिश्रा ने समिति के सदस्यों का उत्साहवर्धन करते हुए भविष्य में भी इसी समर्पण के साथ कार्य जारी रखने का आह्वान किया।

विशिष्ट यजमान के रूप में बाल्को सेवानिवृत्त मैत्री संघ के संयोजक श्री जय कृष्ण तिवारी, विश्व हिन्दू परिषद कोरबा के जिला मंत्री श्री चेतन कुमार राठौर एवं बाल्को सेवानिवृत्त मैत्री संघ के अध्यक्ष श्री अजय दास वैष्णव ने भी कार्यक्रम की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए इसे धार्मिक, सामाजिक और पर्यावरणीय चेतना का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

सामूहिक आरती के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने हसदेव नदी की स्वच्छता, संरक्षण और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने का संकल्प लिया। समिति पदाधिकारियों ने कहा कि हसदेव केवल नदी नहीं, बल्कि कोरबा जिले की जीवनदायिनी धारा है, जिसकी रक्षा के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आना होगा।

कार्यक्रम ने न केवल धार्मिक आस्था को सशक्त किया, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक एकजुटता का भी प्रभावशाली संदेश दिया। नमामि हसदेव सेवा समिति ने आयोजन को सफल बनाने वाले सभी श्रद्धालुओं, सामाजिक संगठनों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस जनजागरण अभियान को आगे भी निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया।