कोरबा 02मई 2026/ रायपुर।छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने आज “जनप्रतिनिधि संपर्क अभियान” के तहत छत्तीसगढ़ शासन के श्रम, वाणिज्य, उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम एवं आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन से उनके कोरबा (कोहड़िया) स्थित निवास में सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री जी को संविदा विद्युत कर्मचारियों के नियमितीकरण, पुरानी पेंशन योजना और नियमित भर्ती की मांग एवं अन्य समस्याओं के संदर्भ ज्ञापन सौंपा तथा केबिनेट में विषय रखने का आग्रह किया।
इस प्रतिनिधिमंडल में प्रदीप पाठक (मार्गदर्शक), टी. पी. गुप्ता (कार्यकारी अध्यक्ष, जनरेशन शाखा पूर्व), डी. एस. दीक्षित (संरक्षक, जनरेशन शाखा पश्चिम), सम्मेलाल श्रीवास (प्रांतीय उपाध्यक्ष), उदय राठौर (प्रांतीय संयुक्त संगठन सचिव), सागर देवांगन (प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य), सुखीदास महंत (अध्यक्ष, कोरबा पूर्व), अनिल श्रीवास (उपाध्यक्ष, जनरेशन शाखा पूर्व), जॉर्ज के थंकाचंद (कोषाध्यक्ष, कोरबा पश्चिम), कौशल साहू (संरक्षक, कोरबा वृत्त), प्रकाश सिंह राठौर (कोषाध्यक्ष), दिलेश्वर प्रजापति (प्रचार सचिव), भागवत रावत (उपाध्यक्ष), ध्रुव डहरिया (उपाध्यक्ष), अशोक आदिले (कार्यालय सचिव), पुष्पेंद्र सिंह बेस (सह सचिव), प्रमोद शर्मा (सह प्रचार सचिव), संजय राठौर एवं रितेश सोनी आदि शामिल रहे।
यूनियन पदाधिकारियों ने मंत्री लखनलाल देवांगन के समक्ष विद्युत व्यवस्था में आ रही कमी और उसके प्रनुख कारणों को विस्तार से रखा। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि 8-10 साल पहले हुई संविदा भर्ती के तहत नियुक्त कर्मी आज तक नियमित नहीं हुए हैं, साथ ही अधिकांश पुराने कर्मचारी रिटायर हो चुके हैं, जिसके कारण विद्युत आपूर्ति एवं सुधार कार्य प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करने और नियमित भर्ती शुरू करने, मैदानी कर्मचारियों की पदोन्नति कम्पनी का एकीकरण, वेतन विसंगतियों के निराकरण, संविदा कर्मियों के नियमितीकरण, सेवा सुरक्षा एवं अन्य कार्यस्थलीय समस्याओं पर भी मंत्री जी से सार्थक चर्चा की।

मंत्री देवांगन ने सभी विषयों को ध्यानपूर्वक सुना और आश्वासन दिया कि कर्मचारियों की जायज मांगों पर शासन स्तर पर सकारात्मक विचार किया जाएगा तथा संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर समाधान की दिशा में ठोस पहल की जाएगी।
यूनियन पदाधिकारियों ने उन्हें बताया कि जनता यूनियन द्वारा “जनप्रतिनिधि सम्पर्क अभियान” प्रदेश भर में चलाया जा रहा है और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से कर्मचारियों की आवाज को सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का प्रयास जारी है। संगठन ने यह उम्मीद जताई है कि सरकार जल्द ही कर्मचारियों के हित में सार्थक निर्णय लेगी।









