MP के क्रूज हादसे में पायलट समेत 3 बर्खास्त:एक कर्मचारी सस्पेंड,

3 dismissed, including pilot, in MP cruise accident: One employee suspended

मध्य प्रदेश के जबलपुर क्रूज हादसे में अब तक 9 शव मिल चुके हैं। तीन बच्चों सहित 4 लोग लापता हैं, जिनका शुक्रवार देर शाम तक पता नहीं चल सका था। तेज बारिश होने की वजह से अभियान रोकना पड़ा। शनिवार सुबह 5 बजे से एक बार फिर सर्चिंग की जाएगी।

मामले में क्रूज पायलट महेश पटेल, हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट काउंटर प्रभारी (FOA) बृजेंद्र की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। वहीं, होटल मैकल रिसॉर्ट और बोट क्लब बरगी के मैनेजर सुनील मरावी को लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया है। रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच कर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि इस मामले में दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

47 पर्यटक सवार थे, 29 टिकट कटी थीं

बता दें कि जबलपुर में नर्मदा नदी पर बने बरगी डैम में गुरुवार शाम करीब 5 बजे MP टूरिज्म का पर्यटकों से भरा क्रूज डूब गया था। इस पर लगभग 47 पर्यटक थे। टिकट सिर्फ 29 लोगों की कटी थी।

हादसा किनारे से करीब 300 मीटर दूर हुआ। जिस समय क्रूज डूबा, उस वक्त हवा की रफ्तार 74 किलोमीटर प्रतिघंटा थी। बरगी सिटी सीएसपी अंजुल मिश्रा के मुताबिक, SDRF ने कई लोगों को बचाया, लेकिन अंधेरा और खराब मौसम से राहत कार्य प्रभावित हुआ।

मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख और घायलों को 50 हजार रुपए

हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। उन्होंने प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिवार जनों को दो-दो लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए देने की घोषणा की है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। शाम को उन्होंने घटना स्थल का जायजा लिया। हादसे में बचे लोगों से भी मिले।

वहीं प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी जबलपुर पहुंचे हैं, लेकिन उनका हैरान करने वाला बयान सामने आया है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा- नर्मदा में पेट्रोल-डीजल बोट पर रोक है। उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।

दिल्ली से घूमने आया था परिवार, पिता-बेटी सुरक्षित

हादसे में मरीना मैसी और उनके चार साल के बेटे त्रिशान की भी मौत हो गई। बचाव दल को आज सुबह दोनों के शव मिले। मां ने अपनी ही लाइफ जैकेट के भीतर अपने कलेजे के टुकड़े को समेट लिया था। उसने बच्चे को अपने सीने से इतनी मजबूती से चिपकाया था कि काल का क्रूर झोंका भी उन्हें अलग नहीं कर सका।

रेस्क्यू टीम ने जब उन्हें बाहर निकाला, तो दोनों के शव एक-दूसरे को बाहों में जकड़े हुए थे। यह परिवार दिल्ली से घूमने आया था। पिता प्रदीप मैसी और बेटी सिया किसी तरह अपनी जान बचाने में कामयाब रहे।

क्रूज पायलट बोले- संभलने का मौका ही नहीं मिला

क्रूज के पायलट महेश ने बताया, ‘सुरक्षा के इंतजाम तो थे, लेकिन अचानक आए तेज तूफान के चलते क्रूज अनियंत्रित हो गया। किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला।’ महेश को 10 साल का अनुभव है।

खमरिया के एक परिवार के 15 लोग सवार थे

ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया के A3 सेक्शन में कार्यरत कर्मचारी कामराज आर्य परिवार के 15 लोगों के साथ घूमने गए थे। कामराज के माता-पिता भी साथ में थे, लेकिन वे किनारे बैठे हुए थे। कामराज के साथ उनकी पत्नी, भाभी और बच्चे क्रूज में घूमने गए हुए थे।

कामराज मूलत: कर्नाटक के रहने वाले हैं। उनके एक बेटे को बचा लिया गया। वहीं कामराज, उनकी पत्नी और एक बेटा अब भी लापता है।