वनांचल को मिलेगा स्थायी उजाला, बिजली अधिकारियों को कार्य योजना बनाने निर्देश

Forest region will get permanent light, instructions to electricity officials to prepare action plan

सोलर के सहारे चल रहे गांवों में पहुंचेगी मुख्य विद्युत लाइन से बिजली

रायपुर, 16 अप्रैल 2026।प्रदेश क्षेत्र के वनांचल के गांवों में जहां अब तक सोलर ऊर्जा के माध्यम से बिजली की व्यवस्था की गई थी, अब शीघ्र ही मुख्य बिजली लाइन (ग्रिड) से जोड़ा जाएगा। इससे इन गांवों को अस्थायी सोलर व्यवस्था से मुक्ति मिलेगी और नियमित, स्थायी बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।

इसका जायजा लेने के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीम सिंह कंवर अधिकारियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे।

उन्होंने बिलासपुर के कोटा वनांचल क्षेत्र के चार गांवों का स्थल निरीक्षण कर कार्य की प्रगति का आकलन किया तथा आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित बिजली अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के चलते कोटा वनांचल में स्थित सरगोड़, छुइहया, चिचवा डबरी एवं परसापानी गांवों में पहले सोलर प्लांट के जरिए बिजली पहुंचाई गई थी। किंतु अब बिजली विभाग ने इन गांवों को मुख्य ग्रिड से जोड़ने की प्रक्रिया तेज कर दी है, जिससे ग्रामीणों को निर्बाध एवं पर्याप्त बिजली उपलब्ध हो सकेगी।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों की टीम ने गांवों में पहुंचकर सर्वे एवं तकनीकी निरीक्षण किया।

इस दौरान एमडी श्री भीम सिंह कंवर ने कहा कि सोलर व्यवस्था एक अस्थायी समाधान था, लेकिन अब इन गांवों को मुख्य बिजली लाइन से जोड़कर स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

ग्रामीणों ने भी इस पहल पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें सीमित सोलर बिजली पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और वे पंखा, टीवी, मोटर जैसे उपकरणों का बेहतर उपयोग कर सकेंगे।
चूंकि ये गांव घने जंगलों से घिरे हुए हैं, अतः वहां तक बिजली लाइन खींचने के लिए फॉरेस्ट क्लीयरेंस की भी आवश्यकता होगी।

इस संबंध में अधिकारियों ने एमडी श्री भीम सिंह कंवर को अवगत कराया, जिस पर उन्होंने वन विभाग से क्लीयरेंस प्राप्त करने हेतु तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए, ताकि चारों गांवों के विद्युतीकरण में किसी प्रकार की बाधा न आए।

मुख्य विद्युत लाइन पहुंचने से क्षेत्र में विकास की रफ्तार तेज होगी और ग्रामीणों को लंबे समय से प्रतीक्षित स्थायी बिजली सुविधा का लाभ मिल सकेगा।

निरीक्षण के दौरान विद्युत कंपनी के अधीक्षण अभियंता एस. के. जांगड़े, ईई प्रोजेक्ट मिलिंद पाण्डेय, कोटा ईई राजेन्द्र गोंड सहित कई अधिकारी उपस्थित थे।