तुमान में धूमधाम से निकली भव्य कलश यात्रा, श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का हुआ शुभारंभ

A grand Kalash Yatra was taken out in Tuman with great pomp and show, the story of Shrimad Bhagwat Mahapuran was inaugurated.

कोरबा 7 मार्च 2026/तुमान ग्राम तुमान की पावन धरा पर शुक्रवार को श्री वैष्णव निकुंज निवास में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। इस अवसर पर पूरे गांव में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। सुबह से ही श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह नजर आया और बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष, युवा एवं बच्चे इस धार्मिक आयोजन में शामिल हुए।
कथा के शुभारंभ अवसर पर निकाली गई कलश यात्रा में सैकड़ों महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर भजन-कीर्तन करते हुए शामिल हुईं। कलश यात्रा गांव के प्रमुख मार्गों से होते हुए पूरे ग्राम का भ्रमण करती हुई तालाब तक पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के साथ पवित्र जल का संग्रह किया गया। इसके पश्चात महिलाएं सिर पर जल से भरे कलश लेकर भक्ति गीतों और जयकारों के साथ पुनः श्री वैष्णव निकुंज निवास पहुंचीं।
आयोजन स्थल पर पहुंचने के बाद विद्वान आचार्यों के सान्निध्य में विधिवत पूजन-अर्चन कर देवताओं की स्थापना की गई। इस दौरान यज्ञाचार्य अखिलेश जी महाराज, सोन लोहर्शी की गरिमामयी उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन, यज्ञ एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। पूरे वातावरण में मंत्रोच्चार और भजन-कीर्तन की मधुर ध्वनियां गूंजती रहीं, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।


इसके पश्चात प्रसिद्ध कथावाचक पंडित बलराम प्रसाद पाण्डेय जी द्वारा श्रीमद्भागवत महापुराण के महात्म्य का विस्तारपूर्वक वर्णन करते हुए कथा का श्रवण कराया गया। उन्होंने अपने प्रवचन में श्रीमद्भागवत कथा के महत्व, भक्ति के मार्ग और जीवन में धर्म, संस्कार तथा सत्कर्मों के महत्व पर प्रकाश डाला। महाराज जी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह मानव जीवन को सही दिशा देने वाला आध्यात्मिक मार्ग है। कथा श्रवण से मन को शांति मिलती है और व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है।
कथा के प्रथम दिवस पर भगवान श्रीकृष्ण की महिमा, उनके अवतार का उद्देश्य तथा भक्तों के प्रति उनकी करुणा का भावपूर्ण वर्णन किया गया। महाराज जी की मधुर वाणी और सरल शैली से उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर होकर कथा का रसपान करते रहे।
पूरे आयोजन के दौरान भजन-कीर्तन, जयकारों और धार्मिक उत्साह से गांव का वातावरण भक्तिरस में डूबा हुआ नजर आया। गांव के लोगों ने इस आयोजन को लेकर विशेष उत्साह और श्रद्धा दिखाई। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा कलश यात्रा का पुष्प वर्षा कर स्वागत भी किया गया।
इस धार्मिक आयोजन में क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए समुचित व्यवस्था की गई है।
श्री वैष्णव निकुंज निवास में आयोजित यह श्रीमद्भागवत महापुराण कथा 6 मार्च से 13 मार्च तक चलेगी। कथा के दौरान प्रतिदिन प्रातः 8 बजे से 11 बजे तक पूजन, हवन, संकीर्तन, तुलसी परिक्रमा एवं आरती का आयोजन किया जाएगा, वहीं दोपहर 3 बजे से पूज्य महाराज जी द्वारा श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कराया जाएगा।
इस भव्य धार्मिक आयोजन के आयोजक श्री बलराम वैष्णव एवं संजू वैष्णव (तुमान) ने समस्त क्षेत्रवासियों से सपरिवार उपस्थित होकर धर्मलाभ लेने का आग्रह किया है। सात दिनों तक चलने वाला यह आध्यात्मिक महोत्सव पूरे क्षेत्र को भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर रहा है।