क्रशर प्लांट ब्लास्टिंग मामला जांच करने पहुंची प्रशासन की टीम SDM, तहसीलदार, आरआई समेत 3 पटवारी, माइनिंग और इंवॉयर्मेंट के अफसर पहुंचे, तैयार कर रहे रिपोर्ट

The administration team, including the SDM, Tehsildar, RI, three Patwaris, mining and environment officials, arrived to investigate the crusher plant blasting incident and are preparing a report.

दंतेवाड़ा,27फरवरी 2026/दंतेवाड़ा जिले के जावंगा में क्रशर प्लांट ब्लास्टिंग मामले में कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देश पर SDM, तहसीलदार और माइनिंग की टीम मामले की जांच करने पहुंची। साथ ही जगदलपुर से इंवॉयर्मेंट की टीम भी मौके पर पहुंची। खदान स्थल का सीमांकन किया जा रहा है। अंदेशा है कि निर्धारित हेक्टेयर से ज्यादा भूमि में प्लांट संचालित है। फिलहाल प्रशासन की जांच जारी है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। जल्द ही जांच रिपोर्ट तैयार कर कलेक्टर को सौंपेंगे। दरअसल, जगदलपुर-बीजापुर NH-63 से महज 100-150 मीटर दूर लक्ष्मी मेटल एंड इंडस्ट्रीज क्रशर प्लांट है। पुलिस के मुताबिक इसी प्लांट में ब्लास्टिंग के लिए 18 फरवरी को पुलिस थाना से बारूद लेकर गए थे। लेकिन ब्लास्टिंग करने का समय और दिन-तारीख नहीं बताया गया था। संचालक ने 19 फरवरी की शाम करीब 4 बजे ब्लास्टिंग करवा दी।

ब्लास्टिंग में 50 किलो से ज्यादा वजनी पत्थर 200 से 300 मीटर दूर तक गिरे। एक बड़ा पत्थर नवीन प्राथमिक शाला कोसापारा बड़े पनेड़ा की कंक्रीट छत तोड़ते हुए कक्षा के अंदर गिरा था। उस समय स्कूल में छात्र-शिक्षक मौजूद नहीं थे, इसलिए बड़ा हादसा टल गया। ढाबा और करीब 200 मीटर दूर स्थित CRPF कैंप परिसर के पास भी पत्थर गिरे हैं। जब दैनिक भास्कर को इस मामले की जानकारी मिली तो खबर प्रमुखता से उठाया। जिसके बाद प्रशासन भी हरकत में आया। गीदम SDM मनीष बघेल, तहसीलदार महेश कश्यप, समेत RI चित्रसेन निराला और पटवारी बृषभूषण देशमुख , ओम कश्यप, बृजेश उसेंडी मौके पर पहुंचे। प्लांट स्थल का सीमांकन किया जा रहा है।

साथ ही माइनिंग विभाग की टीम ने भी स्थल का निरीक्षण कर दस्तावेज और सुरक्षा मानकों की जांच शुरू की। जगदलपुर से इंवॉयर्मेंट की टीम से साइंटिस्ट घनश्याम सिंग समेत अन्य अधिकारी पहुंचे। प्रारंभिक जांच में प्लांट संचालन में लापरवाही सामने आई है।

पूछताछ में मोटरसाइकिल चालक ने अपना नाम सुरेन्द्र कुमार राजवाड़े उर्फ पिंटू (33 वर्ष), निवासी रफेली थाना दरिमा जिला सरगुजा तथा पीछे बैठे व्यक्ति ने अपना नाम नरेश यादव (35 वर्ष), निवासी रतनपुर पाठीपारा थाना सीतापुर जिला सरगुजा बताया। दोनों आरोपियों को एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों की जानकारी देकर तलाशी लेने पर उनके पास प्लास्टिक बोरी में अलग-अलग पैकेटों में रखा कुल 12.410 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत 70 हजार रुपये है।

इसके अलावा पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बिना नंबर की स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल, जिसकी कीमत करीब 27 हजार रुपये तथा वीवो कंपनी का मोबाइल फोन, जिसकी कीमत लगभग 10 हजार रुपये है, जब्त किया। जब्त किए गए मादक पदार्थ और अन्य सामान को विधिवत जप्त कर थाना तमनार में अपराध क्रमांक 44/2026 के तहत धारा 20(बी) एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि “ऑपरेशन आघात” के तहत नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और ऐसे आरोपियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और जवानों को मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए हैं।

यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी और एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक कमला पुसाम ठाकुर, सहायक उप निरीक्षक सुरूति लाल सिदार, प्रधान आरक्षक देव प्रसाद राठिया तथा आरक्षक पुरुषोत्तम सिदार और पुष्पेंद्र सिदार की टीम द्वारा की गई।