रायपुर 24 फरवरी 2026। होली के दिन शराब दुकानें पहले की तरह बंद रहेगी। आपको बता दें कि पहले होली के दिन शराब दुकानों को खुला रखने का आदेश था, जिसे लेकर प्रदेश की राजनीति गरमायी हुई थी। अब राज्य शासन ने आगामी होली पर्व के मद्देनज़र एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए 4 मार्च 2026 (जिस दिन रंग खेला जाएगा) को संपूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य में “शुष्क दिवस” घोषित किया है। इस संबंध में जारी आधिकारिक आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित अवधि के दौरान मदिरा की बिक्री, परोसने तथा भंडारण पर सख्त प्रतिबंध लागू रहेगा। शासन का यह कदम पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सामाजिक सौहार्द सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
जारी निर्देशों के अनुसार प्रदेश में स्थित सभी देशी एवं विदेशी मदिरा की फुटकर दुकानें, रेस्टॉरेंट-बार, होटल-बार, क्लब तथा अन्य लाइसेंसधारी प्रतिष्ठान पूर्णतः बंद रहेंगे। आदेश में विभिन्न श्रेणियों के लाइसेंसों—जैसे सी.एस.-2, एफ.एल.-1, एफ.एल.-2क, एफ.एल.-3 सहित अन्य वर्गों—का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया गया है कि शुष्क दिवस के दौरान किसी भी प्रकार की बिक्री या परोसने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही भांग/भांगघोटा की फुटकर दुकानों को भी बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल लाइसेंसधारी ही नहीं, बल्कि गैरमालिकाना क्लबों, स्टार होटलों अथवा किसी अन्य व्यक्ति/प्रतिष्ठान द्वारा मदिरा बेचने या परोसने पर भी रोक लागू रहेगी। आदेश में कहा गया है कि प्रतिबंध की अवधि के दौरान मदिरा के व्यक्तिगत भंडारण एवं गैर-लाइसेंस प्राप्त परिसरों में मदिरा के संग्रहण पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित मदिरा को जब्त करने तथा विधिसम्मत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
कानून-व्यवस्था के मद्देनज़र जिला प्रशासन, संभागीय उड़नदस्ता एवं राज्य स्तरीय उड़नदस्ता को अवैध मदिरा के परिवहन और विक्रय की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत संभावित ठिकानों, गोदामों तथा वाहनों की जांच हेतु विशेष जांच दल गठित किए जाएंगे। अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध अपराध कायम कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, होली जैसे बड़े त्योहारों के दौरान शुष्क दिवस घोषित करने का उद्देश्य सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी अप्रिय घटना की संभावना को न्यूनतम करना होता है। शासन ने संबंधित सभी अधिकारियों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि होली प्रदेश का एक प्रमुख उत्सव है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं। ऐसे में राज्य शासन द्वारा लिया गया यह निर्णय सामाजिक समरसता और शांतिपूर्ण आयोजन की दिशा में एक एहतियाती कदम माना जा रहा है। प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए नियमों का पालन करने और पर्व को सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने का आग्रह किया है।







