कोल खनन के फैसले पर आदिवासी समाज का विरोध,राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

Tribal community protests coal mining decision, submits memorandum to President and Prime Minister

कोरबा 22 फरवरी 2026/कोरबा व करतला विकास खण्डों में कोल ब्लॉक आवंटन के विरोध में छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद के पदाधिकारियों ने जिला कलेक्टर को देश की राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम तीन सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा है। परिषद ने कहा कि आदिवासी बहुल क्षेत्र में कोयला खनन की अनुमति देना यहां के लोगों के अस्तित्व, आजीविका पर सीधा खतरा है।

ज्ञापन में बताया गया कि इस क्षेत्र के अधिकांश परिवार खेती, लघु वनोपज और परंपरागत संसाधनों पर निर्भर हैं। यदि खनन शुरू होता है तो सबसे पहले जंगल कटेंगे, जल स्रोत प्रभावित होंगे और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज होगी। इससे ग्रामीणों के सामने विस्थापन, बेरोजगारी और सामाजिक असुरक्षा जैसी गंभीर समस्याएं खड़ी होंगी। परिषद ने यह भी आशंका जताई कि खनन से प्रदूषण बढ़ेगा, जिससे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ेगा।

परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि अनुसूचित क्षेत्र होने के कारण यहां पेसा कानून के तहत ग्राम सभा की सहमति अनिवार्य है, लेकिन स्थानीय लोगों को विश्वास में लिए बिना निर्णय लिए जा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि कोल ब्लॉक आवंटन की प्रक्रिया तत्काल रोकी जाए, ग्राम सभाओं की लिखित सहमति ली जाए और पर्यावरणीय व सामाजिक प्रभावों का स्वतंत्र अध्ययन कर उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।

इस अवसर पर जिला महासचिव राम मूरत कंवर,वीरसाय धनवार जिलाध्यक्ष, ललिता सिंह और शिवानी धनवार सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।