कोरबा पुलिस के द्वारा म्यूल अकाउंट पर किया गया कार्यवाही

Korba police took action against the mule account

म्यूल अकाउंट के माध्यम से साइबर ठगी में संलिप्त 02 आरोपी गिरफ्तार

कोरबा 9 फरवरी2026/जिले में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कोरबा  सिद्धार्थ तिवारी द्वारा दिए गए निर्देशों के पालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस के मार्गदर्शन में जिले के थाना/चौकी एवं साइबर पुलिस थाना द्वारा लगातार प्रभावी कार्यवाही की जा रही है।

इसी क्रम में कोरबा पुलिस द्वारा भारत सरकार, गृह मंत्रालय द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल के माध्यम से प्राप्त जानकारी के आधार पर साइबर अपराधों में प्रयुक्त म्यूल खातों (Mule Accounts) पर सतत निगरानी एवं कार्यवाही की जा रही थी।

म्यूल अकाउंट का अर्थ
म्यूल अकाउंट से तात्पर्य ऐसे बैंक खाते से है, जिसे खाता धारक द्वारा पैसे के लालच में किराए पर दे दिया जाता है, ताकि साइबर ठगों द्वारा ठगी की राशि को उस खाते में प्राप्त किया जा सके एवं वास्तविक अपराधियों की पहचान छिपाई जा सके।
मामले का संक्षिप्त विवरण
समन्वय पोर्टल से प्राप्त मूल खाता धारकों की जानकारी के तकनीकी विश्लेषण के दौरान यह पाया गया कि थाना कुसमुंडा क्षेत्र के कुछ व्यक्तियों द्वारा नए बैंक खाते खुलवाकर उन्हें म्यूल अकाउंट के रूप में साइबर ठगों को उपलब्ध कराया गया, जिनका उपयोग देश के विभिन्न राज्यों में की गई साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने हेतु किया गया।

प्रकरण में पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर साइबर पुलिस थाना कोरबा एवं थाना कुसमुंडा की संयुक्त टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार आरोपीगण

एम. डी. तवरेज पिता– एम. डी. गयासुद्दीन उम्र– 23 वर्ष निवासी– आनंद नगर थाना– कुसमुंडा, जिला– कोरबा ,पुष्पेंद्र साहू, पिता – श्याम सुंदर साहू उम्र– 22 वर्ष निवासी – आनंद नगर, थाना– कुसमुंडा, जिला– कोरबा

कानूनी कार्यवाही
उक्त दोनों आरोपियों के विरुद्ध धारा 318(4), 61(2)(ए) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर दिनांक 08.02.2026 को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत कर दिनांक 21.02.2026 तक न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

कोरबा पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि अपने बैंक खाते, एटीएम, चेकबुक अथवा ओटीपी किसी भी व्यक्ति को न दें। ऐसा करना दंडनीय अपराध है। साइबर अपराध से संबंधित किसी भी सूचना की तत्काल सूचना साइबर पुलिस थाना या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें।