राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर एनीमिया जागरूकता और बाल विवाह रोकथाम हेतु विशेष कार्यक्रम आयोजित

On the occasion of National Girl Child Day, special programmes were organised for anaemia awareness and prevention of child marriage.

जिले में 16 से 30 जनवरी तक संचालित किया जा रहा है विशेष जागरूकता पखवाड़ा

साडा कन्या स्कूल और बालको स्कूल की छात्राओं ने ली बाल विवाह मुक्त अभियान की शपथ

कोरबा, 20 जनवरी 2026/कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी (महिला एवं बाल विकास विभाग) श्री बसंत मिंज के निर्देशन में जिले में  ‘24 जनवरी 2026 राष्ट्रीय बालिका दिवस’ के उपलक्ष्य में विशेष जागरूकता अभियान का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में महिला सशक्तिकरण केन्द्र (हब) द्वारा साडा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टी.पी. नगर एवं शासकीय कन्या शाला बालको में एनीमिया निवारण, विधिक साक्षरता एवं शासकीय योजनाओं पर केंद्रित जागरूकता कार्यक्रम संपन्न हुआ।
एनीमिया मुक्त स्वास्थ्य पर विशेष सत्रः
कार्यक्रम में बालिकाओं के स्वास्थ्य से जुड़े गंभीर विषय ’एनीमिया’ पर विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों द्वारा एनीमिया के प्रमुख लक्षण, कारण और उनके बचाव के उपायों पर प्रकाश डाला गया। छात्राओं को संतुलित और पौष्टिक आहार, विटामिन-सी युक्त फलों के सेवन, फोलिक एसिड एवं कैल्शियम सप्लीमेंट के महत्व के बारे में बताया गया। साथ ही समय-समय पर हीमोग्लोबिन की जांच कराने और मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की समझाइश दी गई।
विधिक जानकारी एवं सुरक्षा उपायः
नवा बिहान से संरक्षण अधिकारी श्रीमती रजनी मारिया द्वारा बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति सजग करते हुए ’घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005’, ’पॉक्सो एक्ट’ , ’पॉश एक्ट’ और ’शी-बॉक्स’ जैसी विधिक व्यवस्थाओं की जानकारी प्रदान की गई। छात्राओं को आपातकालीन स्थिति के लिए टोल-फ्री नंबर 181, 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन), सखी वन स्टॉप सेंटर और डायल 112 की कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया।
शासकीय योजनाओं का प्रसारः
महिला सशक्तिकरण केंद्र की टीम द्वारा विभाग की महत्वपूर्ण योजनाओं जैसे नोनी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, सुकन्या समृद्धि योजना एवं मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के पात्रता और लाभ के बारे में बताया गया। छात्राओं को जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर शिक्षा पर ध्यान देने हेतु प्रोत्साहित किया गया।
बाल विवाह मुक्त जिला बनाने की शपथ
अभियान के अंतर्गत बाल विवाह को एक सामाजिक बुराई और कानूनन अपराध बताते हुए  प्राचार्यों, शिक्षकों की उपस्थिति में छात्राओं को शपथ दिलाई गई। सभी ने एक स्वर में 18 वर्ष से कम आयु की बालिका और 21 वर्ष से कम आयु के बालक के विवाह को रोकने और समाज को जागरूक करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर जिला मिशन समन्वयक श्रीमती रत्ना नामदेव, संगीता प्रजापति, ज्योति साहू, विद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।