लॉ स्टूडेंट ने जान देनें की कोशिश,इंस्टा पर लगायी इमोशनल स्टोरी, फिर खुद को आग लगाकर की आत्महत्या की कोशिश कारण अज्ञात

Law student attempts suicide, posts emotional story on Instagram, then sets herself on fire

बिलासपुर 15 जनवरी 2026। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक चौंकाने वाली और बेहद संवेदनशील घटना सामने आई है। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (GGU) में लॉ की पढ़ाई करने वाले एक छात्र ने आत्महत्या का प्रयास किया है। घायल छात्र की पहचान आयुष यादव के रूप में हुई है, जो मूल रूप से प्रयागराज, उत्तर प्रदेश का रहने वाला बताया जा रहा है। छात्र ने खुद पर आग लगाकर जान देने की कोशिश की, जिसके बाद उसे गंभीर अवस्था में सिम्स (छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान) अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आयुष यादव GGU में विधि (लॉ) की पढ़ाई कर रहा है और आज से उसकी परीक्षा शुरू होने वाली थी। घटना की सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय परिसर और छात्र समुदाय में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि आत्महत्या के प्रयास से पहले छात्र ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक भावनात्मक (इमोशनल) स्टोरी भी पोस्ट की थी, जिससे उसके मानसिक तनाव की आशंका जताई जा रही है।

इतना ही नहीं, छात्र ने आत्मदाह की कोशिश का एक वीडियो भी बनाया था, जो अब पुलिस जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है। घटना के बाद घायल छात्र का मोबाइल फोन पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है, ताकि सोशल मीडिया गतिविधियों, वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की गहनता से जांच की जा सके।

घटना के बाद स्थानीय लोगों और विश्वविद्यालय प्रशासन की मदद से छात्र को तत्काल सिम्स अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, छात्र को गंभीर रूप से जलने की चोटें आई हैं, हालांकि उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। फिलहाल उसे विशेष निगरानी में रखा गया है।

कोनी थाना पुलिस द्वारा की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आत्महत्या के प्रयास के पीछे के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक जांच में पारिवारिक, शैक्षणिक या व्यक्तिगत तनाव जैसे सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस छात्र के दोस्तों, सहपाठियों और विश्वविद्यालय प्रशासन से भी पूछताछ कर रही है, ताकि घटना की पृष्ठभूमि को समझा जा सके।

कोनी थाना पुलिस ने बताया कि छात्र के सोशल मीडिया अकाउंट, मोबाइल फोन और वीडियो क्लिप्स की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि छात्र किसी प्रकार के मानसिक दबाव, परीक्षा तनाव या अन्य व्यक्तिगत समस्या से जूझ रहा था या नहीं।