नमामि हसदेव सेवा समिति द्वारा माँ सर्वमंगला मंदिर घाट पर हसदेव आरती का हुआ भव्य आयोजन

A grand Hasdev Aarti was organised by Namami Hasdev Seva Samiti at the Maa Sarvamangala Temple Ghat.

जल स्रोतों की सफाई और संरक्षण के लिए जन जागरूकता लाने किया गया आयोजन
समिति की अपील- हसदेव नदी के संरक्षण में नागरिकों का योगदान और जिम्मेदारी निभाने की आवश्यकता

कोरबा। हसदेव नदी और इसकी सहायक नदियों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के लिए निरंतर प्रयासरत नमामि हसदेव सेवा समिति ने 3 जनवरी 2026 (शनिवार) को पौष पूर्णिमा के अवसर पर कोरबा जिले के प्रसिद्ध माँ सर्वमंगला मंदिर घाट पर भव्य हसदेव आरती का आयोजन किया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने भाग लिया और हसदेव नदी की स्वच्छता एवं संरक्षण को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।


हसदेव नदी के संरक्षण और जल स्रोतों की सफाई के प्रति जन जागरूकता लाने के उद्देश्य से नमामि हसदेव सेवा समिति द्वारा प्रतिमाह की भांति इस बार पौष पूर्णिमा के अवसर पर हसदेव आरती का भव्य आयोजन किया गया। आयोजन में मुख्य यजमान के रूप में श्री भोजराम देवांगन (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ) उपस्थित रहे। इनके साथ ही विशिष्ट यजमान के तौर पर श्री नरेन्द्र कुमार अग्रवाल (महामंत्री, चेम्बर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री, कोरबा), श्री विमल कुमार जोशी (अध्यक्ष, मारवाड़ी ब्राह्मण विकास समिति, कोरबा), श्री मनीष जैन (सचिव, जैन मिलन समिति, कोरबा) और श्री विद्यानंद पाण्डेय (प्राचार्य, सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सीतामढ़ी, कोरबा) ने भी इस पवित्र आयोजन में भाग लिया।


मुख्य यजमान श्री भोजराम देवांगन ने अपने उद्बोधन में समिति के इस आयोजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि हसदेव नदी के संरक्षण के लिए हमें सामूहिक प्रयास करने होंगे, ताकि आने वाली पीढिय़ाँ इस नदी का भरपूर उपयोग कर सकें। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा सके कि नदी का पानी शुद्ध और स्वच्छ बने, जिससे क्षेत्र में जल संकट की समस्या से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि नमामि हसदेव सेवा समिति द्वारा किए गए इस आयोजन से न केवल नदी के संरक्षण के प्रति जागरूकता फैल रही है, बल्कि यह नागरिकों को एकजुट करने और जल स्रोतों के महत्व को समझाने का भी एक शानदार प्रयास है। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य विशिष्ट यजमानों ने भी हसदेव नदी के संरक्षण के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन करने का संदेश दिया और क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे भी इस पुण्य अवसर पर अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें।
समिति द्वारा आने वाले दिनों में इस प्रकार के आयोजन और बड़े स्तर पर किए जाएंगे, ताकि हसदेव नदी को बचाने की मुहिम को और बढ़ावा मिल सके। नमामि हसदेव सेवा समिति के इस आयोजन ने क्षेत्रवासियों के बीच हसदेव नदी और जल स्रोतों के महत्व को एक नए दृष्टिकोण से समझने का अवसर प्रदान किया है। अब यह सुनिश्चित करने की आवश्कता है कि सभी लोग इसे अपनी जिम्मेदारी समझें और अपना-अपना योगदान देने के लिए प्रेरित हों।