करोड़पति कारोबारी को उम्रकैद, शादी टूटने से नाराज भाई ने मारी थी 3 गोलियां, फिर मां को VIDEO कॉल पर दिखायी थी डेडबॉडी

Millionaire businessman sentenced to life imprisonment after brother, upset over marriage breakdown, shot him three times and then showed his mother the body on video call

रायपुर, 02 जनवरी 2025 राजधानी रायपुर में दो साल पहले हुए सनसनीखेज भाई-भाई  में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। करोड़पति बिजनेसमैन द्वारा अपने ही छोटे भाई की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में अदालत ने आरोपी बड़े भाई को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही अवैध रूप से पिस्टल रखने के अपराध को भी न्यायालय ने सिद्ध माना है। इस मामले में शासन की ओर से लोक अभियोजक बसंत गोड़ ने प्रभावी पैरवी की, जिसके बाद कोर्ट ने यह सख्त फैसला सुनाया।

घटना 25 फरवरी 2024 की देर रात की है। रायपुर के सफायर ग्रीन फेज-2 कॉलोनी में पुलिस को सूचना मिली थी कि एक बड़े भाई ने अपने छोटे भाई की गोली मारकर हत्या कर दी है।मौके पर पहुंची पुलिस को घर के कमरे में पराग झा की खून से लथपथ लाश मिली थी। सिर में गोली लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। कमरे के फर्श और दीवारों पर खून फैला हुआ था, जिससे घटना की भयावहता साफ झलक रही थी।

हत्या के बाद आरोपी पीयूष झा ने अपनी मां को वीडियो कॉल किया और अपने भाई की लाश दिखाकर कहा कि उसने उसे मार दिया है। शुरुआत में मां को लगा कि बेटा मजाक कर रहा है, लेकिन वीडियो कॉल देखकर उनके होश उड़ गए।मां ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। इसके बाद विधानसभा थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शहरभर में नाकेबंदी कर आरोपी की तलाश शुरू की गई।

हत्या के बाद पीयूष झा पिस्टल लेकर अपनी कार से शहर में घूमता रहा। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन और वाहन की जानकारी के आधार पर डीडी नगर इलाके से आरोपी को गिरफ्तार किया।आरोपी के पास से घटना में इस्तेमाल की गई पिस्टल बरामद की गई। जांच में सामने आया कि पिस्टल का कोई लाइसेंस नहीं था, जो अवैध हथियार की श्रेणी में आती है।

जानकारी के अनुसार, पीयूष झा और पराग झा दोनों एक ही घर में रहते थे और साथ मिलकर ड्रोन निर्माण से जुड़ी स्टार्टअप कंपनी चला रहे थे।पीयूष झा एयरोनॉटिकल इंजीनियर था। उसने रायपुर की एक निजी यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। शुरुआत में महज 45 हजार रुपए से शुरू किया गया कारोबार दो साल में बढ़कर करीब 3.50 करोड़ रुपए तक पहुंच गया था।

पुलिस जांच में सामने आया कि पीयूष झा शराब की लत का शिकार था। उसकी निजी जिंदगी में तनाव था, शादी टूट चुकी थी और कारोबार को लेकर भी दबाव बना हुआ था।घटना वाली रात शराब पीने के बाद दोनों भाइयों के बीच पुरानी बातों को लेकर झगड़ा हुआ। बहस इतनी बढ़ गई कि मामला मारपीट तक पहुंच गया।

पुलिस को दिए बयान में पीयूष झा ने कबूल किया कि झगड़े के दौरान उसने अलमारी में रखी पिस्टल निकाल ली। गुस्से में आकर उसने अपने ही छोटे भाई पर तीन गोलियां चला दीं, जिनमें से एक गोली सीधे सिर में लगी।गोली लगते ही पराग जमीन पर गिर पड़ा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

कोर्ट ने कहा कि यह मामला केवल पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि समाज के लिए गंभीर संदेश देने वाला अपराध है। अपने ही भाई की गोली मारकर हत्या करना अत्यंत निंदनीय है।इसके बाद न्यायालय ने आरोपी पीयूष झा को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए जेल भेजने का आदेश दिया