पुतिन की भारत यात्रा के बाद President Trump का बड़ा फैसला, अब इन्हें नहीं मिलेगा अमेरिकी वीजा; भारतीयों पर हो सकता है सीधा असर?

President Trump's major decision after Putin's visit to India: now they will not be granted US visas; could this directly impact Indians?

प्रशासन ने अमेरिकी दूतावासों को साफ निर्देश दिए हैं कि वे उन आवेदकों को वीजा न दें, जिन्होंने फैक्ट-चेकिंग, कंटेंट मॉडरेशन, कंप्लायंस या ऑनलाइन सेफ्टी जैसी भूमिकाओं में काम किया है। रॉयटर्स ने विदेश विभाग के एक आंतरिक मेमो के आधार पर यह जानकारी दी है।

इनई पॉलिसी का सबसे ज्यादा असर टेक सेक्टर के पेशेवरों पर पड़ सकता है, खासकर भारत जैसे देशों से बड़ी संख्या में H-1B वीजा के लिए आवेदन करने वालों पर। मेमो में कहा गया है कि अगर कोई व्यक्ति अमेरिका में अभिव्यक्ति पर सेंसरशिप लागू करने या उससे जुड़े प्रयासों में शामिल पाया जाए, तो उसे वीजा नहीं दिया जाएगा।

H-1B वीजा पर खास नजर
यह नियम पत्रकारों और पर्यटकों सहित सभी कैटेगरी के वीजा पर लागू है, लेकिन मुख्य फोकस H-1B पर है। यही वीजा टेक और अन्य हाई-स्किल्ड सेक्टर में विदेशी कर्मचारियों को बड़ी संख्या में दिया जाता है।

आवेदकों की डिजिटल हिस्ट्री खंगाली जाएगी
मेमो के अनुसार, कांसुलर अधिकारी आवेदकों की प्रोफेशनल हिस्ट्री, लिंक्डइन प्रोफाइल और सोशल मीडिया अकाउंट चेक करेंगे। अगर किसी ने गलत सूचना रोकने, कंटेंट मॉडरेशन, ट्रस्ट-एंड-सेफ्टी या कंप्लायंस जैसी जिम्मेदारियां निभाई हैं, तो उन्हें वीजा के लिए अयोग्य माना जा सकता है।

एक रिपोर्ट के अनुसार पॉलिसी उन पेशेवरों को भी प्रभावित कर सकती है जो ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़ा काम करते हैं, जैसे बच्चों के शोषण से जुड़े कंटेंट को हटाना, यहूदी विरोधी सामग्री को रोकना या हानिकारक पोस्ट मॉनिटर कना।