पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष बनवारी लाल अग्रवाल के पगड़ी रसम कार्यक्रम में शामिल होंगे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

Chief Minister Vishnu Dev Sai will attend the turban ceremony of former Assembly Deputy Speaker Banwari Lal Agarwal.

कोरबा:- छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष, कटघोरा के पूर्व विधायक, एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता श्रद्धेय स्वर्गीय श्री बनवारी लाल अग्रवाल के निधन पर बारहवीं एवं पगड़ी रसम कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे |

पारिवारिक सूत्रों के अनुसार पगड़ी रस्म 27 अक्टूबर को दोपहर 4 बजे अग्रसेन भवन, कोरबा में आयोजित की जाएगी। इस अवसर पर भाजपा के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और नागरिकजन उपस्थित होकर अपने प्रिय नेता को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

श्री बनवारी लाल अग्रवाल का 15 अक्टूबर 2025 को निधन हो गया था। वे लंबे समय से सक्रिय जनसेवक, संगठनकर्ता और पार्टी के मार्गदर्शक के रूप में पहचाने जाते थे। उनका राजनीतिक जीवन समर्पण, सेवा और संगठन का प्रेरणादायी उदाहरण रहा है।

भाजपा जिला कोरबा ने सभी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों एवं नागरिकों से इस श्रद्धांजलि सभा में शामिल होकर श्रद्धेय अग्रवाल जी के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करने की अपील की है।

*स्वर्गीय बनवारी लाल अग्रवाल की जीवनी*

बनवारी लाल अग्रवाल का जन्म 1 मई 1947 को हुआ था। उनका जन्म कोरबा जिले के ग्राम जपेली में हुआ था। प्रारंभिक शिक्षा के बाद उन्होंने रायपुर विश्वविद्यालय से एमएससी, बीएड और एलएलबी की डिग्री हासिल की और वकालत को अपना पेशा बनाया। उन्होंने समाज के कमजोर वर्गों के लिए कार्य किया।

छात्र जीवन से ही RSS से जुड़े

छात्र जीवन से ही वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े थे। उन्होंने अपना जीवन संगठन, समाज और शिक्षा के प्रति समर्पित किया। उन्होंने शिक्षक के रूप में छत्तीसगढ़ उच्चतर माध्यमिक शाला बिलासपुर और सावन पब्लिक स्कूल, नई दिल्ली में अपनी सेवाएं दीं |

जनसंघ के समय में शुरू की राजनीति

उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत जनसंघ के समय में की थी। 1990 के दशक में वे बिलासपुर भाजपा कमेटी के संगठन महामंत्री बने। इसके बाद उन्होंने कोरबा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण ( साड़ा) कोरबा के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया। वे 1993 में पहली बार कटघोरा विधानसभा सीट से विधायक निर्वाचित हुए और 1998 में भी पुनः चुने गए।

विधानसभा में अपने कार्यकाल के दौरान, वे लोकलेखा समिति, प्रश्न एवं संदर्भ समिति, आवास समिति और कार्य मंत्रणा समिति सहित कई महत्वपूर्ण समितियों के सदस्य रहे। उन्हें छत्तीसगढ़ विधानसभा का उपाध्यक्ष बनने का अवसर भी मिला।

भाजपा के प्रदेश कोषाध्यक्ष भी रहे

वे भाजपा के प्रदेश कोषाध्यक्ष और अनुशासन समिति के सदस्य भी रहे। उनकी छवि एक सादे, ईमानदार और जनसेवक नेता की थी। कोरबा और कटघोरा क्षेत्र में वे बेहद लोकप्रिय रहे और गरीब, मजदूर और किसानों के हक में हमेशा आवाज उठाई, साथ ही वे लंबे समय तक राज्य आपदा प्रबंधन के सदस्य, भाजपा प्रशिक्षण प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक भी रहे |

राजनीति के साथ-साथ वे शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों जैसे सरस्वती शिशु मंदिर के संस्थापक सदस्य, रोटरी क्लब और लायंस क्लब से भी जुड़े रहे।