कोरबा . एनएचएम अर्थात राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ हैं। उनके हड़ताल में चले जाने से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था दम तोड़ती नजर आ रही है। इन परिस्थितियों में एनएचएम आंदोलन का अनिश्चितकालीन की घोषणा से भविष्य में स्वास्थ्य सुविधा के और बदतर होने की संभावना बन रही है।
उक्त बातें पूर्व पार्षद योगेश गोस्वामी ने एनएचएम कर्मचारियों के सभी मांगों का समर्थन करते हुए कही।
पूर्व पार्षद गोस्वामी ने कहा कि निश्चित रूप से सरकार लंबे समय से लंबित कर्मचारियों क़ी जायज मांगों को शीघ्र पूरा करे ताकि आंदोलन से आम लोगों को हो रही परेशानी दूर हो सके। पूर्व पार्षद ने आगे बताया कि एनएचएम कर्मचारियों के आंदोलन की सफलता के लिए वृहद जन समर्थन अब तक नजर नहीं आ रहा है जबकि किसी भी आंदोलन में जब समग्र समाज साथ खड़ा होता है, तभी सरकार आपकी बात मानने के लिए बाध्य होती है इसलिए आंदोलनकारी ऐसी रणनीति पर काम करें कि एनएचएम आंदोलन जन आंदोलन का स्वरूप ले।
पूर्व पार्षद ने आगे बताया क़ी इन्ही
एनएचएम कर्मचारियों ने कोरोना काल मे अपनी जान जोखिम मे डाल के सेवा भाव से कार्य किया था कम से कम छत्तीसगढ़ सरकार को एनएचएम कर्मचारियों को उनके उन कार्यों के पुरस्कार स्वरूप हीं उनकी जायज मांगो पर गंभीरता से विचार करना चाहिए
पूर्व पार्षद योगेश गोस्वामी ने आगे
बताया क़ी वे स्वयं शीघ्र हीं माननीय मुख्यमंत्री एवं स्वस्थ मंत्री महोदय से मिल कर एवं पत्र व्यवहार के माध्यम से भी एनएचएम कर्मचारियों के जायज मांगो को पुरी करने क़ी बात रखेंगे







