प्रेस विज्ञप्ति
दिनांक 03.04.2026
फर्जी बैंक खातों व फर्जी मोबाइल नंबर से संचालित ’’मैरिज ब्युरो’’ पर बिलासपुर पुलिस का ’’प्रहार’’।
म्यूल खातों की जांच दौरान एकत्र जानकारी के आधार पर बिलासपुर पुलिस को मिली सफलता।
विवाह के नाम पर लोगों को झांसा देकर ठगी करने वाले मैट्रिमोनियल एजेंटों के गिरोह का खुलासा।
बिलासपुर शहर के सरकण्डा व कोतवाली थाना क्षेत्र में संचालित कॉल सेंटरों पर की गई कार्यवाही, संचालक को सहयोगियों सहित लिया गया हिरासत में।
शादी के इच्छुक लोगों को झांसा देकर ग्राहकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने हेतु युवतियों को फर्जी प्रोफाइल बनाकर बात करने के काम पर लगाये जाने का हुआ महत्वपूर्ण खुलासा।
अब तक की कार्यवाही में ’’मैरिज ब्युरो’’ से 10 कंप्यूटर सेटअप, 70 मोबाइल फोन व 20 हजार रुपये नगदी बरामद।
शहर के अन्य क्षेत्रों में संचालित ऐसे ’’मैरिज ब्युरो’’ पर भी निगाह रखी जा रही है, अब तक 04 लोगों को हिरासत में लिया गया है एवं अन्य में जांच जारी है।
’’मैरिज ब्युरो’’ की आड़ में खोले गये बैंक खातों की जांच में लाखों रुपये के ट्रांजेक्शन का खुलासा।
नाम गिरफ्तार आरोपीः-
1. महारथी साहु पिता वेद प्रसाद साहू उम्र 31 वर्ष निवासी ग्राम सैदा थाना नवागांव जिला जांजगीर-चाम्पा हाल मुकाम लाईफ केयर हॉस्पिटल तोरवा थाना तोरवा जिला बिलासपुर (छ.ग.)।
2. फुलेश्वर प्रसाद श्रीवास पिता सियाराम श्रीवास उम्र 40 वर्ष निवासी रामायण चौक चांटिडीह थाना सरकंडा जिला बिलासपुर (छ.ग.)।
3. तरुणा उर्फ सोनु खरे पति स्व. विनोद खरे उम्र 40 वर्ष निवासी नंदेश्वर मंदिर के पास चांटिडीह थाना सरकंडा जिला बिलासपुर (छ.ग.)।
4. नीरा बाथम पति उमेश बाथम उम्र 32 वर्ष निवासी अशोक नगर खमतराई थाना सरकंडा जिला बिलासपुर (छ.ग.)।
विवरण-
मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि बैंक खातों की जांच के दौरान यह पाया गया कि खाताधारक के नाम पर संचालित खाते का उपयोग अन्य व्यक्तियों द्वारा किया जा रहा था, जिसमें ’’मैरिज ब्युरो’’ से संबंधित राशि जमा कराई जा रही थी। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि बिहार निवासी शिकायतकर्ता से विवाह हेतु उपयुक्त वधु उपलब्ध कराने का झांसा देकर 10,000 रुपये जमा कराये गये, किन्तु राशि प्राप्त होने के बाद कोई सेवा प्रदान नहीं की गई। ठगी का आभास होने पर शिकायतकर्ता द्वारा ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई गई, जो जांच हेतु प्राप्त हुई।
पूर्व से म्यूल खातों की जांच के दौरान प्राप्त सूचनाओं के आधार पर ऐसे गिरोह की जानकारी एकत्र की गई। जांच के दौरान सरकण्डा क्षेत्र में संचालित एक मैट्रिमोनियल ऑफिस की जानकारी मिलने पर टीम द्वारा मौके पर जाकर कार्रवाई की गई, जहां संचालक एवं सहयोगी उपस्थित मिले। पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि शादी के इच्छुक लोगों को झांसा देकर उनसे राशि प्राप्त की जाती थी तथा ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए फर्जी प्रोफाइल बनाकर बातचीत कराई जाती थी।
मामले में आरोपीगण के विरुद्ध थाना सरकण्डा में अपराध धारा 318(4), 61(2) बी.एन.एस. के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। शहर के अन्य क्षेत्रों में भी इस प्रकार की गतिविधियों की जानकारी प्राप्त हुई है, जिनकी जांच जारी है एवं आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।




