रायपुर. 13 अगस्त 2026/कोरबा जिला प्रशासन द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय के आर्थिक सशक्तीकरण एवं आजीविका के स्थायी साधन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिला खनिज संस्थान न्यास मद एवं प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अभिसरण से पहाड़ी कोरवा समुदाय के लिए मत्स्य पालन गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
हसदेव बांगो जलाशय में केज कल्चर स्थापना के लिए जिला खनिज संस्थान न्यास से 2 करोड़ 25 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसके अंतर्गत जिले की एकमात्र विशेष पिछड़ी जनजाति कोरवा समुदाय के लालपुर स्थित पंजीकृत मत्स्य सहकारी समिति के 25 सदस्यों के लिए 125 केज स्थापित किए जाएंगे। केज कल्चर के माध्यम से प्रत्येक सदस्य को कम से कम 1 लाख रुपये की शुद्ध वार्षिक आय प्राप्त होने की उम्मीद है। इससे स्थानीय एवं फुटकर मछली विक्रेताओं को आजीविका का साधन उपलब्ध होने के साथ जलाशय के मत्स्य उत्पादन में लगभग 250 मीट्रिक टन की वृद्धि होगी।
’आधुनिक तकनीक से बायोफ्लॉक तालाबों का निर्माण’
आधुनिक तकनीक से मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए 0.10 हेक्टेयर क्षेत्र में बायोफ्लॉक तालाब निर्माण हेतु जिला खनिज संस्थान न्यास से 70 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसके तहत जिले में 5 इकाई बायोफ्लॉक तालाब निर्मित किए जाएंगे। इससे हितग्राहियों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक पद्धति से मछली पालन का अवसर मिलेगा तथा प्रत्येक इकाई से हितग्राही को लगभग 3 से 4 लाख रुपये वार्षिक आय प्राप्त होने की संभावना है।
कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति समुदायों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने तथा मत्स्य उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
पहाड़ी कोरवा समुदाय के 25 सदस्यों के लिए 125 केज कल्चर एवं 5 बायोफ्लॉक तालाबों की होगी स्थापना
125 cage culture and 5 biofloc ponds will be established for 25 members of the Pahari Korwa community.







