12 संगठनों का ऐलान — 11 सितंबर से आंदोलन का शंखनाद, 5 अक्टूबर को रायपुर में होगा महाप्रदर्शन
रायपुर/कोरबा। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी के लगभग 10 हजार अधिकारी-कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन की मांग को लेकर अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। 1 जनवरी 2004 के बाद नियुक्त अधिकारी-कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ नहीं दिए जाने के विरोध में पावर कंपनी के 12 अधिकारी-कर्मचारी संगठन एकजुट हो गए हैं।
5 सितंबर को कोरबा पश्चिम में आयोजित अधिकार मंच की महत्वपूर्ण बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि पुरानी पेंशन की मांग को लेकर 11 सितंबर से चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा।
11 सितंबर को हर क्षेत्र में गूंजेगी पुरानी पेंशन की आवाज
आंदोलन के पहले चरण में 11 सितंबर को छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी के सभी रीजन एवं क्षेत्रीय मुख्यालयों में 12 संगठनों की संयुक्त आमसभा होगी। आमसभा के बाद कंपनी अध्यक्ष के नाम क्षेत्रीय कार्यपालक निदेशक/मुख्य अभियंता के माध्यम से ज्ञापन सौंपा जाएगा।
मंत्री, सांसद और विधायकों के दरवाजे पर पहुंचेगा अधिकार मंच
अधिकार मंच ने निर्णय लिया है कि प्रदेश के सभी मंत्री, सांसद, विधायक एवं जनप्रतिनिधियों को भी ज्ञापन सौंपकर पावर कंपनी के हजारों अधिकारी-कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन लागू करने की मांग उठाई जाएगी।
अधिकार मंच का कहना है कि यह केवल कर्मचारियों की मांग नहीं, बल्कि उनके भविष्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है।
19 सितंबर को रायपुर में बनेगी अगली रणनीति
19 सितंबर को रायपुर में 12 संगठनों की समीक्षा बैठक आयोजित होगी। इसमें आंदोलन के प्रथम चरण की समीक्षा करते हुए आगामी आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।

5 अक्टूबर को रायपुर में होगा बड़ा शक्ति प्रदर्शन
आंदोलन का सबसे बड़ा चरण 5 अक्टूबर, सोमवार को कंपनी मुख्यालय डांगरिया, रायपुर में आयोजित किया जाएगा। प्रदेशभर से पावर कंपनी के अधिकारी-कर्मचारी राजधानी रायपुर पहुंचकर विशाल प्रदर्शन एवं आमसभा करेंगे।
अधिकार मंच ने स्पष्ट किया है कि यदि तब तक पुरानी पेंशन लागू करने की ठोस घोषणा नहीं होती है, तो आंदोलन को और व्यापक एवं निर्णायक बनाने के लिए आगामी कार्यक्रम घोषित किए जाएंगे।
12 संगठन — एक मांग — पुरानी पेंशन
अधिकार मंच ने कहा कि पावर कंपनी के अधिकारी-कर्मचारी विद्युत व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में 1 जनवरी 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को पुरानी पेंशन से वंचित रखना उनके भविष्य की सुरक्षा का गंभीर प्रश्न है।
मंच ने शासन एवं कंपनी प्रबंधन से मांग की है कि लगभग 10 हजार अधिकारी-कर्मचारियों की भावना को देखते हुए पुरानी पेंशन योजना लागू करने की दिशा में तत्काल सकारात्मक निर्णय लिया जाए।
अधिकार मंच का स्पष्ट संदेश
«“पुरानी पेंशन कोई खैरात नहीं, कर्मचारियों के सुरक्षित भविष्य का अधिकार है। 12 संगठन एकजुट हैं और पुरानी पेंशन लागू होने तक संघर्ष जारी रहेगा।”»
बैठक में इन संगठनों के प्रतिनिधि रहे उपस्थित
अभियंता संघ से इंजीनियर राजेश पांडे, इंजीनियर मनोज वर्मा एवं इंजीनियर सुशील यदु, डिप्लोमा संगठन से इंजीनियर महेंद्र साहू एवं मनोज पटेल, आरक्षित वर्ग अधिकारी-कर्मचारी संघ से इंजीनियर पाटले, फेडरेशन-01 से आर.सी. चेट्टी, जनता यूनियन से अनिल द्विवेदी, फेडरेशन-56 से राम इकबाल सिंह, तकनीकी एकता यूनियन से जितेंद्र मालाकार, ऑफिसर रीजनल एसोसिएशन से श्रद्धा पिल्लई, तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि तथा डॉक्टर एसोसिएशन से डॉ. रेनू कौशिक एवं डॉ. पूनम कुजूर सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
आंदोलन की तारीखें एक नजर में
* 11 सितंबर — क्षेत्रीय मुख्यालयों में संयुक्त आमसभा एवं ज्ञापन
* 11 सितंबर के बाद — मंत्री, सांसद, विधायक एवं जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन
* 19 सितंबर — रायपुर में 12 संगठनों की समीक्षा बैठक
* 5 अक्टूबर — डांगरिया, रायपुर में विशाल प्रदर्शन एवं आमसभा







