Gold Loan: क्या अब नहीं मिल पाएगा गोल्ड के बदले लोन? RBI ने इस कंपनी पर लगा दी रोक

गोल्ड लोन के बारे में तो आपने सुना ही होगा… अगर आपके घर में गोल्ड रखा हुआ है तो जरूरत पड़ने पर आप उसके बदले में लोन ले सकते हैं. इस समय मार्केट में कई कंपनियां और बैंक गोल्ड लोन देने का काम कर रहे हैं. लेकिन अब आरबीआई (RBI) की तरफ से गोल्ड लोन देने वाली कंपनी के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया गया है.

रिजर्व बैंक ने गोल्ड लोन देने वाली कंपनी आईआईएफएल फाइनेंस लिमिटेड को गोल्ड लोन देने से रोक लगा दी है. आरबीआई ने तत्काल प्रभाव से गोल्ड लोन देने पर रोक लगा दी है. सोने की शुद्धता की जांच और वेरिफिकेशन में गंभीर खामियां मिलने के बाद रिजर्व बैंक ने यह फैसला लिया है.

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का यह निर्देश कंपनी के सिर्फ गोल्ड लोन कारोबार से संबंधित है. लीडिंग फाइनेंशियल सर्विसेज प्रोवाइडर IIFL Finance ग्राहकों को कई तरह के लोन और गिरवी रखकर कर्ज की सुविधा मुहैया कराती है.

मौजूदा लोन की वसूली रहेगी जारी

आरबीआई ने बताया है कि IIFL फाइनेंस अपने मौजूदा गोल्ड लोन कारोबार को जारी रख सकती है और वह मौजूदा लोन का संग्रह और वसूली प्रक्रिया जारी रखेगी.

RBI ने जारी किया बयान

बयान के मुताबिक, RBI ने IIFL फाइनेंस लिमिटेड को निर्देश दिया है कि वह तत्काल प्रभाव से गोल्ड लोन को मंजूरी देने या वितरित करने या अपने किसी भी गोल्ड लोन की बिक्री को बंद कर दे. आरबीआई ने कहा कि 31 मार्च 2023 तक IIFL की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में कंपनी का निरीक्षण किया गया था. केंद्रीय बैंक ने कहा है कि कंपनी के गोल्ड लोन कारोबार में कुछ महत्वपूर्ण चिंताएं देखी गई थीं. इनमें कर्ज की मंजूरी के समय और चूक पर नीलामी के समय सोने की शुद्धता और शुद्ध वजन को परखने गंभीर खामी शामिल हैं.

कई बार शिकायत के बाद भी नहीं हुआ सुधार

केंद्रीय बैंक ने कहा कि वह पिछले कुछ महीनों में इन खामियों पर कंपनी के सीनियर मैनेजमेंट और ऑडिटर्स के साथ बात कर रहा था, लेकिन कोई भी सुधार देखने को नहीं मिला है. इस स्थिति को देखते हुए और ग्राहकों के हित में तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाना जरूरी हो गया था.

IIFL फाइनेंस फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर की अग्रणी कंपनियों में से एक है. वह अपनी सब्सिडरी कंपनियों – IIFL होम फाइनेंस, IIFL समस्त फाइनेंस लिमिटेड और IIFL ओपन फिनटेक के साथ कई तरह की लोन सुविधाएं मुहैया कराती है. उसकी 500 से अधिक शहरों में 2,600 से अधिक ब्रांच हैं.